बीते कल यानी कि गुरुवार को कैबिनेट बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर(Agricultural Minister Narendra Singh Tomar) के द्वारा यह जानकारी दी गई है कि नारियल(Coconut) की खेती से जुड़े कानून में एक बार फिर से बदलाव करने का निर्णय लिया जाएगा। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर Agriculture Minister Narendra Singh Tomar ने इस कानून को नारियल Coconut की खेती करने वाले किसानों Farmer के लिए काफी फायदे का फैसला कहा है। तो वहीं दूसरी तरफ बीते साल लाए गए कृषि कानूनों को लेकर धरने पर बैठे हुए किसानों से नरेंद्र सिंह तोमर Agriculture Minister Narendra Singh Tomar ने आं’दोलन ख‘त्म करने और साथ ही सरकार से बातचीत करने की भी अपील की है।

नारियल बोर्ड कानून में संशोधन

बीते दिनों कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर Agriculture Minister Narendra Singh Tomar ने कहा कि हमारे देश में भी नारियल की खेती Coconut Farming में बढ़ोत्तरी हो इसके लिए सरकार सही कदम उठा रही है। किसानों को सहूलियत मिले इसके लिए भी सरकार द्वारा 1981 में नारियल बोर्ड कानून लाया गया था। तो वह अब हम इसमें समय कि मांग को देखते हुए बदलाव करने जा रहे हैं। इस बोर्ड को संशोधित कर इसका अध्यक्ष भी अब खेती किसानी के जानकर को ही बनाया जायेगा।

मंडियों को किया जाएगा और पहेले से और ज्यादा मजबू

वही दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे किसानों से बात करने कि कोशिश की भी काफी जा रही है। आगे कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर Agriculture Minister Narendra Singh Tomar ने आगे कहा है कि सरकार द्वारा मंडियों को ख त्म करने का इरादा ना पहले था ओर ना ही अब है। उन्होंने आगे कहा कि “बजट में कहा गया था कि मंडियां स‘माप्त नहीं होगी बल्कि मंडियों को पहले से और अधिक मज़बूत किया जाएगा। मंडियों को और संसाधन मिले इसके लिए काफी प्रयास भी किया जाएगा। कृषि अवसंरचना फंड को आत्मनिर्भर भारत के आधार पर 1 लाख करोड़ रुपये प्रवर्धित किया गया है। इस 1 लाख करोड़ रुपए का इस्तेमाल एपीएमसी(APMC) कर सकेगी।


जानिए 2 करोड़ कमाने का मौका, नारियल बोर्ड संशोधन क्या है ?

बता दे कि कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर Agriculture Minister Narendra Singh Tomar ने आगे कहा है कि कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि अगर एक व्यक्ति एक से अधिक परियोजना(अधिकतम सीमा 25 और ये परियोजना अलग-अलग जगह पर करना होगा) करेगा तो फिर उसे प्रत्येक परियोजना पर अलग-अलग 2 करोड़ रुपये तक ब्याज पर छूट और साथ ही गारंटी की भी सहमति रहेगी।