कभी मोदी समर्थक रहे चेतन भगत अपनी बेबाक बात रखने के लिए जाने जाते हैं .  लेखक चेतन भगत ने कहा है कि हमने अपना बहुत सारा नुकसान इसलिए किया है क्योंकि हमारा ध्यान पाकिस्तान को नीचा दिखाने पर ज्यादा है। चेतन भगत ने ट्वीट कर छह वो वजह बताई हैं, जिनके चलते खासतौर से भारत की अर्थव्यवस्था हाल के दिनों में पटरी से उतरी है। इसमें उन्होंने पाकिस्तान, मुसलमान और सरकार से सवाल ना करने जैसी वजह बताई हैं।

हमारी अर्थव्यवस्था की दुर्दशा की ये 6 वजह
चेतन भगत ने ट्वीट कर लिखा, हमने अपनी अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि-

● हम पाकिस्तान को नीचा दिखाने की कोशिश में ज्यादा लगे रहते हैं।

● हम मुसलमानों पर एक होने और उनकी तमाम चीजों के बारे में ज्यादा ही सोचते हैं।

● हम सरकार से सवाल करने और उसकी जवाबदेही तय करने की बजाय उनकी पूजा करते हैं।

● आउटडेटेड इकोनॉमिक्स

● हमें लगता है कि सभी दुख भगवान के दिए हुए हैं।

● हम रिएलिटी चेक ट्वीट को भी ट्रोल करने लगते हैं।

सरकार के पास बस चुनाव जीतने का हुनर

चेतन भगत के इस ट्वीट पर एक पत्रकार ने लिखा कि एक और वजह है और वो ये है कि सरकार के पास कोई योजना नहीं है। इस पर रिप्लाई करते हुए चेतन ने लिखा- सरकार के पास बस एक शानदार योजना है कि चुना कैसे जीतते रहना है, क्योंकि वे लोगों जो चाहते हैं उसे देने में वो माहिर हैं। मुझे लगता है कि लोग अर्थव्यवस्था की परवाह ही नहीं करते हैं।

दूसरे ट्वीट में चेतन ने लिखा- अगर अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में नहीं है, तो मैं कहता हूं कि यह अच्छे आकार में नहीं है। इसमें सुधार हो और इसे बेहतर बनाया जाए। मुझे उम्मीद है कि हम भी ऐसा करेंगे। हालांकि सिर्फ इसलिए कि मैंने कुछ ऐसा कहा है जिसे आप सुनना नहीं चाहते हैं तो इसका ये मतलब नहीं कि मैं दूसरे पक्ष में चला गया। मैं स्वतंत्र रूप से सोचता हूं।

लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय है चेतन

चर्चित लेखक चेतन भगत अक्सर सोशल मीडिया पर अपने विचार रखते रहते हैं। देश में कोरोना वायरस की तैयारियों और लॉकडाउन को लेकर भी चेतन लिखते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने ट्वीट कर लिखा था- लॉकडाउन अमीरों का खेल है। अमीर आदमी बीमार हो तो छुट्टी ले कर महीना घर बैठ सकता है। गरीब के पास वो विकल्प नहीं है। ठीक उसी तरह अमीर देश लंबा लॉकडाउन कर सकते हैं। गरीब देश के पास वो विकल्प नहीं है।

देश में कोरोना के केसों को लेकर दो दिन पहले उन्होंने लिखा था- 5 हजार केस प्रतिदिन के हिसाब से नए मामलों को लेकर भारत चौथे स्थान पर है। कुछ 95 हजार कोरोना केस को लेकर भारत विश्वस्तर पर 11वें स्थान पर है। अगर महाराष्ट्र एक देश होता तो वह अपने कुल कोरोना केस के कारण विश्वस्तर में 21वें स्थान पर होता। वहीं मुंबई एक देश होता तो वह अपने कुल केस के हिसाब से वैश्विक स्तर पर करीब 30वें स्थान पर होता।