जिन जमातियों को लेकर इतनी नफरत फैलाई गई आज वही लोगों की जिंदगी बचाने के लिए आगे आ रहे हैं

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने लिखा बीमारी कोई जाति-धर्म देख कर नही आती हर धर्म में अच्छे बुरे लोग होते हैं| मरकज़ मामले को लेकर पूरे समाज को अपमानित करना कहाँ तक उचित है? जिन जमातियों को लेकर इतनी नफ़रत फैलाई गई आज वही लोगों की ज़िंदगी बचाने के लिये आगे आ रहे हैं “प्लीज़ नफ़रत से बचिये”|

पूरे विश्व में कोरोनावायरस से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है कोरोना संक्रमण से मौत होने वाले मरीजों की संख्या का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है इसी बीच एक उम्मीद की किरण जगी है जिसका नाम है प्लाज्मा थेरेपी| हरियाणा के झज्जर एम्स में तबलीगी जमात के 142 सदस्यों को कुरान क्वॉरेंटाइन किया गया था इनमें से 129 लोग ठीक हो गए हैं| अब इनमें से कई प्लाज्मा थेरेपी के लिए अपना प्लाज्मा देने को तैयार है पिछले दिनों तबलीगी जमात के नेता मौलाना मोहम्मद साद ने पत्र जारी कर ब्लड डोनेट करने की अपील की थी| वहीं दिल्ली सरकार ठीक हुए लोगों से प्लाज्मा डोनेट करने की अपील कर चुकी है|

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक झज्जर अस्पताल में कोविड-19 सर्विस की चेयर पर्सन सुषमा भटनागर ने कहा
हमने ठीक हुए कुछ मरीजों से उनका खून डोनेट करने की अपील की थी और वह इसके लिए तैयार हो गए अब हम ब्लड डोनेशन और उनके ठहरने की तैयारी में जुटे हैं|
उन्होंने बताया कि तबलीगी जमात के कई सदस्य भविष्य में रिसर्च के लिए भी ब्लड सैंपल देने को तैयार हुए|

डॉक्टर भटनागर ने बताया कि रिकवरी के दो हफ्तों बाद किसी व्यक्ति से खून लिया जा सकता है उन्होंने कहा ज्यादातर जमात के सदस्य दिल्ली से बाहर के हैं कुछ विदेशी हैं फिलहाल वह लॉक डाउन की वजह से घर नहीं जा सकते ऐसे में उन्हें कहीं शिफ्ट किया जाएगा जिससे बाद में उन्हें प्लाज्मा डोनेशन के लिए कोऑर्डिनेट किया जा सके|

दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में तबलीगी जमात के कई लोग ठीक हुए हैं हॉस्पिटल के डॉक्टर जेसी पासी के मुताबिक उन्हें मंडोली और सुल्तानपुरी के कोविड-19 पर में भेजा गया है इनमें करीब 20% प्लाज्मा देने को तैयार है| आपको बता दें कि दिल्ली में कोरोनावायरस सीरियस मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी ट्राई की गई थी इससे दो की हालत में काफी सुधार है प्लाज्मा केवल क्रिटिकल मरीजों को दिया जा रहा है जो भी प्लाज्मा डोनेट करना चाहेगा सरकार उनके अस्पताल आने-जाने की व्यवस्था करेगी|

प्लाज्मा थेरेपी में कोरोनावायरस जो मरीज ठीक हो गया उसके ब्लड सैंपल से प्लाज्मा लेकर मरीज को ठीक किया जाता है| दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में 49 साल का एक व्यक्ति पहला था जिसका प्लाज्मा थेरेपी से इलाज हुआ और डॉक्टरों ने दावा किया कि इससे उसकी रिकवरी तेजी से होने में मदद मिली| वह व्यक्ति एक हफ्ते तक वेंटिलेटर पर ही था लेकिन थेरेपी के 3 दिन बाद उसे वेंटिलेटर से हटाया गया| कोरोनावायरस की फिलहाल कोई दवा मौजूद ना होने की वजह से दुनियाभर में इसके एक्सपेरिमेंट चल रहा है| प्लाज्मा थेरेपी उनमें से एक उम्मीद की किरण है लेकिन इसकी कोई एक वैक्सीन अभी तक तैयार नहीं हुई है|आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण  मरीजों की संख्या भारत में 26917 हो चुकी है जिसमें करीब 5914 मरीज ठीक हो चुके हैं वहीं 826 लोग इस वायरस का शिकार बन चुके हैं|

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