आपको बता दें कि देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से हर कोई काफी परेशान हैं। हालाकि अब हर रोज कोरोना के मामले में गिरावट दर्ज की जा रहीं हैं। इसी बीच महाराष्ट से एक बड़ी खबर सामने आ रहीं हैं। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस की तीसरी लहर की दस्तक होती हुई दिख रही है। अहमदनगर में सिर्फ मई के महीने में 8 हजारे से भी अधिक बच्चे कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। राज्य सरकार ने तीसरी लहर से लड़ने के लिए अपनी तैयारियां भी तेजी से शुरू कर दी हैं। विशेषज्ञ पहले ही बता चुके हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण की आने वाली तीसरी लहर बच्चों के लिए अधिक खतरनाक है। महाराष्ट्र के सांगली शहर में, विशेष रूप से बच्चों के लिए एक COVID-19 वार्ड तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में यहां 5 बच्चों का इलाज चल रहा है और अधिक मरीजों के लिए सुविधा भी तैयार की जा रही है।

नगरसेवक अभिजीत भोसले ने कहा, “हमने बच्चों के लिए यह कोविड वार्ड तैयार किया है ताकि जब तीसरी लहर आए, तो हम तैयार हों। और बच्चों को यह महसूस नहीं होगा कि वे अस्पताल में हैं, बल्कि उन्हें लगेगा कि वे स्कूल या नर्सरी में हैं।”


आपको बता दें कि इस महीने अहमदनगर में कम से कम 8,000 बच्चों और किशोरों के कोरोना वायरस पॉजिटिव आने पर अधिकारी काफी चिंतित हो गए, ये जिले के लगभग 10 प्रतिशत मामले है।

जिला प्रशासन तीसरी लहर के लिए तैयार होने के लिए बाल रोग विशेषज्ञों तक पहुंच रहा है, अहमदनगर के जिला प्रमुख राजेंद्र भोसले ने कहा, “अकेले मई में 8,000 बच्चे पॉजिटिव मिले। यह चिंताजनक है।”

विधायक संग्राम जगताप ने कहा, “दूसरी लहर के दौरान बिस्तर और ऑक्सीजन की कमी थी। इसलिए, हमें तीसरी लहर के दौरान इससे बचने की जरूरत है और इसलिए खुद को पूरी तरह से तैयार करने की जरूरत है।”

बता दे कि राज्य सरकार कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती है, उन्हें उम्मीद है कि जुलाई के अंत या फिर अगस्त की शुरुआत में संभावित तीसरी लहर आ सकती है, जिससे अधिकारियों को तैयारी के लिए लगभग 2 महीने का समय मिलेगा।