स्मृति का राजनीतिक करियर लगभग एक दशक पुराना है। 2003 वे भाजपा में शामिल हुई थीं। 2004 में स्मृति ईरानी ने दिल्ली की चांदनीचौक सीट से कपिल सिब्बल के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था। राजग उस समय सत्ता में था और भाजपा को अपनी जीत का भरोसा था।

हालांकि, कांग्रेस ने भाजपा के मंसूबों पर पानी फेर दिया। उन चुनावों में भाजपा की करारी हार हुई थी। स्मृति ईरानी भी चुनाव हार गईं। 2004 में उन्हें भाजपा युवा मोर्चा की महाराष्ट्र इकाई का उपाध्यक्ष बना दिया गया।

2004 में लोकसभा चुनावों में भाजपा की हार के बाद स्मृति इरानी ने एक ऐसा फैसला लिया था, जिससे पार्टी भी मुश्किल में पड़ गई। उन्होंने नरेंद्र मोदी को लोकसभा चुनावों में हार का जिम्मेदार ठहराते हुए धमकी दी कि अगर मोदी इस्तीफा नहीं देंगे तो वे आमरण अनशन पर बैठ जाएंगी।

हालांकि भाजपा आलाकमान ने जब ईरानी के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी, तब उनका जोश ठंडा हो गया। उन्होंने आमरण अनशन वापस ले लिया।

वैसे 2004 में स्मृति ईरानी ने तब गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी की बहुत तीखी आलोचना की थी. उन्होंने गुजरात दंगों के लिए मोदी से इस्तीफ़े तक की मांग कर डाली थी और कहा था कि वह इसके लिए भूख हड़ताल करेंगी.

हालांकि वह अनशन पर बैठी नहीं. उससे पहले ही उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, “मैंने गुजरात के बारे में जो बयान दिया था, मैं उसे वापस लेती हूं, मुझे लगता है कि पार्टी की एक ज़िम्मेदार सदस्य होने के नाते मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए था.”

साल 2004 की खटास समय के साथ मिठास में बदली और एक दशक बाद साल 2014 के चुनाव प्रचार के दौरान स्मृति ईरानी ज़ोर-शोर से नरेंद्र मोदी की बड़ाई करती दिखीं. अमेठी में अपनी चुनावी सभा में उन्होंने कहा, “गुजरात दंगों के बाद मैंने मोदी जी की आलोचना की, उसके बावजूद उन्होंने मुझे यहां से लड़ने के लिए टिकट दिया, ये उनका बड़प्पन दिखाता है.”

फेमिना मिस इंडिया में भी शामिल हुईं

छोटे पर्दे की बड़ी स्टार बनने से पहले स्मृति ने मॉडल बनने का सपना देखा था। खुद के पैरों पर खड़े होने के जज्बे के चलते 10वीं से ही उन्होंने पैसे कमाना शुरू कर दिया था। वे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का प्रचार करतीं और 200 रूपए रोजाना कमाती।

पंजाबी-बंगाली माता-पिता की तीन बेटियों में से एक स्मृति ने ग्लैमर की दुनिया में जाने से पहले फैशन कांटेस्‍ट में भी भाग लिया।
1998 में वे फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में शामिल हुईं थी। हालांकि वे फाइनल तक नहीं पहुंच पाई। उसके बाद उन्होंने मुंबई का रास्‍ता चुन लिया। मुंबई में उन्होंने मैक्डॉनल्ड के आउटलेट में नौकरी कर ली।