जैसा कि आप सभी को तो ये मालूम ही है कि इस समय Maharastra के बाद राजधानी Delhi के अंदर भी Coronavirus महामारी पूरी तरीके से अपने मुकाम पर आ चुका है और साथ ही दूसरी वह सरकार के ऊपर भी अब सवाल खड़े होने लग गए हैं! लेकिन इस बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा लिया है जिसके चलते यह 27 अप्रैल 2021 से आधी रात से प्रभाव में आ गया है! जारी हुए इस नोटिफिकेशन का मतलब यह है कि अब दिल्ली के अंदर सरकार का मतलब उपराज्यपाल से होगा! दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राजक्षेत्र अधिनियम शासन 2021 के लागू हो जाने के बाद अब राजधानी दिल्ली के अंदर हर फैसले पर एलजी का विचार लेना पड़ेगा!

बता दे कि दिल्ली सरकार अथवा कैबिनेट के द्वारा कोई भी फैसला लिया जाता है तो फिर सबसे पहले उसे इन्ही के साथ सलाह मशवरा करना पड़ेगा! यह नोटिफिकेशन एक ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के अंदर प्रदेश को कोई केंद्र की सरकार अदालत से लेकर जमीनी स्तर तक एक दूसरे के सामने खड़ी हुई है! दिल्ली के CM Arvind Kejriwal सरकार पर Delhi में oxygen की सप्लाई के लिए लापरवाही बरतने का भी आ-रोप है जिस वजह से काफी समस्याएं भी पैदा हो रही है!

इस अधिनियम को एक बार फिर से परिभाषित किया गया है जिसके हिसाब से चुनी गई सरकार और साथ ही एलजी की शक्तियों को फिर से परिभाषित किया गया है! अब Delhi की विधानसभा या फिर उसकी समितियां Delhi की NCT की रोजमर्रा के मुद्दों पर फैसले नहीं ले पाएगी और साथ ही प्रशासनिक मामलों में जांच का आदेश भी नहीं दे पाएगी! आपको बता दे कि विपक्षी दलों ने इस बिल का काफी जमकर विरोध भी किया था!