शर्म करो स्मृति ईरानी, हथिनी की मौत पर गुस्सा तो महिलाओं के आत्मदाह पर चुप्पी क्यों?

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कल 17 जुलाई को 2 महिलाओं ने आत्मदाह करके जान देने की कोशिश की, वह भी ठीक लोक भवन के सामने। योगी सरकार में पुलिस प्रशासन की अनदेखी भरे रवैए से परेशान मां बेटी को इतना आत्मघाती कदम उठाते देख चारों तरफ से प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं।

जहां पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार को नींद से जागने की हिदायत दी है वहीं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही की मांग की है।

इसी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी. वी. ट्वीट करते हैं- एक हथिनी की दुखद मृत्यु पर ‘अंताक्षरी देवी’ स्मृति ईरानी को बहुत गुस्सा आया था, लेकिन लखनऊ में अमेठी की माँ-बेटी का पूरा जिस्म जल गया लेकिन उन्हें बिल्कुल भी गुस्सा न आया..

गौरतलब है कि स्मृति ईरानी अमेठी से सांसद हैं और आत्मदाह करने वाली ये महिलाएं भी अमेठी की ही हैं, जो वहां के पुलिस प्रशासन से निराश होने के बाद लखनऊ के लोकभवन के सामने आई थीं।

तमाम खबरों के मुताबिक, जमीन विवाद से परेशान इन महिलाओं ने अमेठी में बार-बार पुलिस प्रशासन से मदद मांगी लेकिन निराशा ही हाथ लगी।

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्मृति ईरानी को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाने के लिए उस घटना का जिक्र किया है जब केरल में एक गर्भवती हथनी की मौत हो गई थी और देशभर में उसके लिए शोक मनाया गया था। इस पूरे मामले को राजनीतिक रूप देते हुए स्मृति ईरानी समेत तमाम भाजपा नेताओं ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था।

Leave a Comment