BJP में ‘बच्चा’ बन गए सिंधिया, नए पोस्टर को लेकर महाराज की ‘हैसियत’ पर कांग्रेस का निशाना

जब ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में शामिल थे तब उनकी पोस्टर सीधे राहुल गांधी के साथ या फिर कमलनाथ के साथ हुआ करता था लेकिन बीजेपी में जाकर सिंधिया को पोस्टर में छोटे नेताओं के साथ जगह दी जा रही है.

बीजेपी के एक नए पोस्टर में ज्योतिरादित्य सिंधिया की तस्वीर सबसे नीचे लगाए जाने पर कांग्रेस ने महाराज की हैसियत पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा है कि बीजेपी में जाने के बाद सिंधिया बच्चा बन गए हैं क्योंकि उनकी तस्वीर को कैलाश विजयवर्गीय के बेटे के साथ जगह दी गई है।

हाइलाइट्स:

● बीजेपी के नए पोस्टर पर फिर उठा विवाद

● पोस्टर में कैलाश विजयवर्गीय के बेटे के साथ लगी सिंधिया की तस्वीर

● कांग्रेस का तंज, बीजेपी में बच्चा बन गए महाराज सिंधिया

● बीजेपी के पुराने नेताओं और सिंधिया-समर्थकों के बीच समन्वय पर भी सवाल

बीजेपी के एक नए पोस्टर ने कांग्रेस को ज्योतिरादित्य सिंधिया की हैसियत पर एक बार फिर से सवाल उठाने का मौका दे दिया है। सांवेर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव से संबंधित पोस्टर में सिंधिया की तस्वीर भी लगाई गई है, लेकिन सबसे नीचे। उनके साथ बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय की फोटो लगी है। पोस्टर के ऊपरी हिस्से में विजयवर्गीय के साथ मंत्री तुलसी सिलावट की फोटो लगाई गई है।

ताज्जुब यह है कि पोस्टर में सिंधिया की तस्वीर भी पुरानी इस्तेमाल की गई है। इसमें उनके गले में जो दुपट्टा है, वह कांग्रेस पार्टी का है। पोस्टर में बीजेपी कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में सांवेर आने की अपील की गई है जिससे क्षेत्र में पार्टी की जीत सुनिश्चित हो सके।

पोस्टर सामने आते ही कांग्रेस समर्थकों ने बीजेपी में सिंधिया की हैसियत को लेकर कमेंट करना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि बीजेपी में महाराज की यही हैसियत रह गई है कि उन्हें बच्चों के साथ जगह दी गई है। कुछ लोगों ने सीधे बीजेपी के रवैये पर यह लिख सवाल उठाए हैं कि लगता नहीं पार्टी ने सिंधिया को उनकी हैसियत के हिसाब से स्थान दिया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्विटर के जरिए सिंधिया की हैसियत पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि उसूलों और सम्मान की बात करने वालों के सम्मान के साथ बीजेपी में रोज खिलवाड़ हो रहा है।

https://twitter.com/NarendraSaluja/status/1272521727457853442?s=19

कुछ अन्य लोग इसे बीजेपी के पुराने नेताओं और सिंधिया-समर्थकों के बीच कथित मतभेदों से भी जोड़कर देख रहे हैं। मुख्यमंज्त्री शिवराज सिंह चौहान और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा खुद दोनों गुटों के बीच की खाई को पाटने की कोशिशों में लगे हैं, लेकिन इस पोस्टर के बाद मतभेद की खबरों को और बल मिल रहा है। यूजर्स का कहना है कि शिवराज भले कितनी भी कोशिशें कर लें, लेकिन टिकाऊ कभी भी बिकाऊ को अपने ऊपर बर्दाश्त नहीं करेगा।

https://twitter.com/NarendraSaluja/status/1272725676601139200?s=19

इससे पहले बीजेपी के कई पोस्टरों में सिंधिया की तस्वीर लगाई ही नहीं गई थी। इसको लेकर कई स्थानों पर विवाद हो चुका है। महाराज के अपने शहर ग्वालियर में बीजेपी की होर्डिंग्स से सिंधिया की तस्वीर गायब रहने की भी खूब चर्चा हुई थी। नए पोस्टर में सिंधिया की तस्वीर लगाने के बावजूद यह एक नए विवाद को जन्म देता दिख रहा है।

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