बिहार में महादलित समुदाय को अंग्रेजी सिखाने के नाम पर हुआ करोड़ों रुपए का घोटाला

बिहार का घोटालों से तो पुराना रिश्ता रहा है. अब एक अनोखा घोटाला फिर सामने आया है. बिहार के महादलितों के बच्चों को अंग्रेजी सिखाने के नाम पर घोटाला हुआ है. इस घोटाले के मास्टर माइंड कई आईएएस अधिकारी है. इसको लेकर विजिलेंस ने बुधवार को केस दर्ज कराया है. गरीब बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने को लेकर सीएम नीतीश कुमार को जोर दे रहे थे, लेकिन उनके अधिकारी ही सरकार को चूना लगा रहे थे. 

7 करोड़ से अधिक की सरकारी रकम का हुआ गबन
इनके बाद भी यही सिलसिला चलता रहा. ब्रिटिश लिंग्वा (British Lingua) के साथ मिलकर घोटाले को बदस्तूर जारी रखा. महादलित छात्रों को स्पोकन इंग्लिस का प्रशिक्षण देने के लिए ब्रिटिश लिंग्वा नामक संस्थान से विभाग ने करार किया था. लेकिन, विभागीय सचिव और अधिकारियों ने संस्थान के साथ मिलीभगत करके 14 हजार 826 छात्रों के गलत नाम-पता और अन्य जानकारी के आधार पर सात करोड़ 30 लाख 13 हजार से ज्यादा सरकारी रुपए का गबन कर लिया.

छात्रों का नाम-पता गलत था दर्ज
इसके बाद, जांच में यह पाया गया कि, जिन छात्रों को अंग्रेजी सीखाने के नाम पर रुपए निकाले गए हैं, उनका नाम-पता गलत है और इनमें कई छात्रों का दाखिला दूसरे प्रशिक्षण कोर्स में है. बड़ी संख्या में छात्र एक ही समय, एक ही स्थान पर, एक से ज्यादा कोर्स को कर रहे थे. जबकि हकीकत में यह संभव नहीं है. अंग्रेजी सीखने के समय में कोई छात्र दूसरा कोर्स कैसे कर सकता है.

 साल तक शर्तें बदलती रहीं
वहीं, जांच में यह बात भी सामने आई कि, बड़ी संख्या में छात्रों के नाम पर सरकारी राशि की निकासी की गई है, उनका नाम और पता तक सही नहीं है. इस योजना के चार वर्षों के दौरान शर्तें हमेशा बदलती रही है, जिसमें कुछ बदलाव कार्यहित में किया गया है. जबकि कुछ बदलाव एजेंसी के हित में किया गया है. इससे मिशन के पदाधिकारियों की गलत मंशा साफतौर पर दिखती है.

नियमों में होता रहा बदलाव
इसके अलावा एजेंसी को फायदा पहुंचाने के लिए भी कई स्तर पर नियमों में जानबूझ कर बदलाव किए गए हैं. प्रशिक्षण एजेंसी ने छात्रों का जो गलत डाटा अपलोड किया, उसकी जांच भी किसी पदाधिकारी ने नहीं की और पेमेंट कर दिया गया.

IAS एसएम राजू मुख्य आरोपी
दरअसल,आईएएस एसएम राजू इसी साल सेवानिवृत्त हुए हैं. एससी-एसटी कल्याण विभाग में हुई महादलित छात्रवृत्ति घोटाला में भी आईएएस अधिकारी एसएम राजू को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है. यह मामला अभी निगरानी में चल ही रहा है.

इन लोगों पर FIR दर्ज
निगरानी ब्यूरो की जांच में यह बात सामने आने के बाद, आईएएस अधिकारी एसएम राजू समेत 10 लोगों को अभियुक्त बनाते हुए एफआइआर दर्ज की गई है. इस एफआइआर में बनाए गए आरोपी में- ब्रिटिश लिंग्वा के निदेशक बीरबल झा, तत्कालीन मिशन निदेशक और बिहार महादलित विकास मिशन के कार्यपालक पदाधिकारी  एसएम राजू, तत्कालीन मिशन निदेशक राघवेंद्र झा (सेवानिवृत्त आईएएस), तत्कालीन मिशन निदेशक राजनारायण लाल (सेवानिवृत्त आईएएस), तत्कालीन मिशन निदेशक एवं मिशन कॉर्डिनेटर-1  रामशीष पासवान (सेवानिवृत्त आईएएस) तत्कालीन विशेष कार्य पदाधिकारी एवं मिशन कॉर्डिनेटर-1 अनिल कुमार सिन्हा (सेवानिवृत्त), तत्कालीन मिशन को-ऑर्डिनेटर-2 शशिभूषण सिंह, तत्कालीन सहायक मिशन निदेशक एवं विशेष कार्य पदाधिकारी हरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, तत्कालीन सहायक मिशन निदेशक बिरेंद्र चौधरी, तत्कालीन राज्य परियोजना पदाधिकारी देवजानी कर का नाम शामिल है.

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