जिससे अपना घर नहीं संभल रहा हो और वह दूसरे की घर संभालने की बात कहे तो आपको सुनकर कुछ अजीब नहीं लगेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के सत्र को संबोधित करते हुए शुक्रवार को कहा कि कोरोना से जंग में भारत ने 150 से अधिक देशों की मदद की है। भारत में श्मशान घाट में लाश जलाने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी है. कोरोना महामारी से भारत में हर रोज 500 से 600 लोगों की मौत हो रही है कोरोना वायरस से करीब 30000 लोगों की मौत हो चुकी है. यह प्रधानमंत्री मोदी की नाकामी ही है जो भारत में कोरोना के केस 11 लाख से ज्यादा हो गए हैं. लेकिन प्रधानमंत्री अपना ढिंढोरा पीटने और अपनी तारीफ करने में कभी पीछे नहीं हटते.

इस तस्वीर को देखिए डेढ़ सौ देशों की मदद करने वाला देश खुद की हालत ऐसी है जब लॉकडाउन हुआ तो हजारों मजदूर घर को पैदल चल दिए उसमें न जाने कितने लोगों की जान गई. प्रधानमंत्री कहते हैं हमने डेढ़ सौ देशों की मदद की जंगल में मोर नाचा किसने देखा. अजी साहब, 150 देशों की मदद भी 15 लाख और 20 लाख करोड़ की तरह ही एक जुमला है जंगल में मोर नाचा किसने देखा। दिल्ली दरबार में चल रही झूठ की दुकान पर सच का सामान नहीं मिलता। दिल्ली दुकान का झूठ प्रसार के साथ विधायक खरीद का व्यापार भी जोर शोर से चल रहा है और बिकाऊ मीडिया सहयोगी है ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के सत्र को संबोधित करते हुए शुक्रवार को कहा कि कोरोना से जंग में भारत ने 150 से अधिक देशों की मदद की है। पीएम मोदी का जून में भारत के सुरक्षा परिषद के गैर-स्थायी सदस्य के रूप में चुने जाने के बाद यह संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए पहला भाषण था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ आज की दुनिया में इसकी भूमिका और महत्ता के आकलन का अवसर है। कोविड-19 के खिलाफ हमारी संयुक्त लड़ाई में हमने 150 से अधिक देशों की सहायता की है। महामारी ने सभी देशों के धैर्य की कठिन परीक्षा ली।’

उन्होंने कहा कि भारत में हमने महामारी के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाने का प्रयास किया है। संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारा सिद्धांत सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास है। उन्होंने कहा, ‘भारत द्वितीय विश्व युद्ध के तुरंत बाद संयुक्त राष्ट्र के 50 संस्थापक सदस्यों में से था। उसके बाद से काफी कुछ बदल गया है। आज, संयुक्त राष्ट्र 193 सदस्य देशों को एक साथ लाता है। संगठन से उम्मीदें भी बढ़ी हैं। बहुपक्षवाद भी आज कई चुनौतियों का सामना कर रहा है।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में लाखों महिलाओं को स्थानीय सरकार का प्रतिनिधि चुना जाता है। पिछले 6 वर्षों में, हमने 40 करोड़ बैंक खाते खोले हैं, जिसमें से 22 करोड़ महिलाओं के अकाउंट हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने स्वच्छता और सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के लिए बड़े अभियान की शुरुआत की है। इस साल संयुक्त राष्ट्र के उच्च स्तरीय सत्र की थीम है, ‘कोविड-19 के बाद बहुपक्षवाद: 75वीं वर्षगांठ पर हमें किस प्रकार के संयुक्त राष्ट्र की जरूरत है।’

भारत को 17 जून को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का गैर-स्थायी सदस्य के तौर पर निर्विरोध चुना गया था। एशिया-प्रशांत श्रेणी की सीट से भारत आठवीं बार गैर-स्थायी सदस्य बना था। सीट के लिए दावेदार सात देशों में, भारत 2021-22 के लिए क्षेत्र से निर्विरोध था।