शादीशुदा है तिहाड़ जेल में बंद प्रेगनेंट जामिया स्टूडेंट सफ़ूरा| लोग घटिया मानसिकता पर उतारू

सफ़ूरा ज़रगर 10 अप्रैल से पुलिस की गिरफ्त में हैं. जब उनकी प्रेग्नेंसी की बात सामने आई तो सोशल मीडिया पर लोग घटियापन पर उतर आए. इनमें करीब करीब बीजेपी से जुड़े ही लोग थे जिन्होंने अपनी घटिया मानसिकता दिखा दी है. पहली बात सफ़ूरा शादीशुदा हैं. 2018 में शादी हुई थी. इसलिए जो लोग ये कह रहे हैं कि वो अविवाहिता हैं, वो चुप रहें तो बेहतर होगा.

सफूरा ज़रगर. दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पीएचडी स्कॉलर. उम्र 27 बरस. इस वक्त तिहाड़ जेल में हैं. दिल्ली पुलिस ने एंटी टेरर एक्ट यानी अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) के तहत केस दर्ज किया है. सफ़ूरा पर आरोप लगा है कि नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में फरवरी में दिनों जो हिंसा हुई थी, उसमें उनका भी हाथ था. उन्हें एक ‘साजिशकर्ता’ के तौर पर देखा जा रहा है. इन सबके बीच ये बात सामने आई कि सफ़ूरा दो महीने प्रेगनेंट हैं. सोशल मीडिया के धुरंधरों को मसाला मिल गया. 

सफ़ूरा की प्रेग्नेंसी की बात कई दिन पहले सामने आ गई थी. लेकिन बीते तीन-चार दिनों में सोशल मीडिया के कुछ लोग उनकी प्रेग्नेंसी पर अनाप-शनाप सवाल उठाने लगे. कांग्रेस के एक नेता हैं सलमान निज़ामी. इन्होंने सफ़ूरा को बेल न मिलने पर विरोध जताया. एक ट्वीट किया,

एक्टिविस्ट सफ़ूरा ज़रगर (प्रेगनेंट) रमज़ान के वक्त भी जेल में हैं, नफरत फैलाने वाले कपिल मिश्रा, जिन्होंने हिंसा भड़काई, वो आज़ाद हैं. मोदी के भारत में मुस्लिम होना अपराध है. कुछ तो शर्म करो. सफ़ूरा को रिलीज़ करो’
BJP नेता कपिल मिश्रा के ऊपर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा था. ये कहा गया था कि उनके भाषण के बाद ही हिंसा भड़की. इसी वजह से सलमान निज़ामी ने उन्हें लेकर ट्वीट किया. अब इस ट्वीट पर कपिल मिश्रा ने ऐसा जवाब दिया कि उनकी सोच पर तरस आ रहा है. लिखा,
‘प्लीज़ उनकी प्रेग्नेंसी को मेरी स्पीच से कनेक्ट मत करिए. ऐसे काम नहीं चलेगा.’

अरे, अभी सिर मत पीटिए. एक और सज्जन हैं. नाम अभिजात मिश्रा हैं. ट्विटर पर ब्लू टिकधारी हैं. बायो में लिखा है कि भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के जनरल सेक्रेटरी हैं. BJYM बिहार के इन्चार्ज हैं. इन्होंने लिखा,

सफ़ूरा अविवाहित हैं. शाहीन बाग के दंगों में शामिल हैं. लॉ स्टूडेंट हैं. जो जेल में बंद हैं. वहां उनका कोरोना टेस्ट हुआ, पता चला कि दो महीने की प्रेगनेंट हैं. भाई, ये क्या चल रहा है? अब बचाव में ये मत कहना कि ये भगवान का तोहफा है.’

सफ़ूरा जामिया जामिया कोऑर्डिनेशन कमिटी (JCC) की मेंबर हैं. उनके लिए मीडिया कोऑर्डिनेटर का काम करती थीं. कमिटी के एक सदस्य ने जानकारी दी कि जामिया के स्टूडेंट्स का शाहीन बाग में हुए प्रदर्शन से लेना-देना नहीं था. भले ही दोनों जगह CAA का विरोध ही हो रहा था, लेकिन जामिया के स्टूडेंट्स का प्रदर्शन शाहीन बाग से जुड़ा हुआ नहीं था. सफ़ूरा शाहीन बाग मुश्किल से एक या दो बार गई होंगी. वो भी केवल प्रदर्शन देखने उसमें शामिल होने नहीं. वो जामिया के स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के लिए मीडिया कोऑर्डिनेटर का काम करती थीं. इसलिए शाहीन बाग से उनका नाम जोड़ना गलत होगा.

 वक्त सफूरा के पति, बहन और माता-पिता उनके और उनके बच्चे की सेहत की फिक्र में हैं. दिन-रात उनकी ज़मानत पाने की कोशिश कर रहे हैं. इधर ट्विटर पर ऐसा माहौल देख उनकी बहन समीया ने उनके लिए खत लिखा. ट्विटर पर डाला. जिसमें वो उम्मीद जता रही हैं कि जल्द ही सब ठीक हो जाएगा. वो सफ़ूरा को मजबूत बने रहने के लिए कह रही हैं.

बाकी सफूरा प्रेगनेंट हैं जैसे करोड़ों महिलाएं होती हैं. वो एक बच्चे की मां बनेंगी. ठीक उसी तरह जिस तरह हमारी, आपकी या उन ट्रोल्स की मांएं होती हैं. कानूनी तौर पर उनके ऊपर जो भी आरोप साबित हों, या न हों. मगर किसी महिला का राजनैतिक रूप से आपका विरोधी होना उसके बच्चे को ‘नाजायज़’ नहीं बना सकता.

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