रोड पर पुलिस मारती है, इसलिए पटरियों के रास्ते जाते हैं- मजदूरों ने यूं बयां किया अपना दर्द

Corona Virus: पैदल ही घर तक पहुंचे की आस में अबतक सैंकड़ों मजदूरों की जान चली गई है। शुक्रवार को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक ऐसी वीभत्स घटना घटी जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप उठी। एक मजदूर ने बातचीत के दौरान बताया कि हमारे पास ना खाने का कुछ है ना रहने का साधन हैं। सरकार कह रही है स्पेशल ट्रेन भेजी जाएगी  लेकिन कुछ नजर नहीं आ रहा है। हम पैदल घरों की ओर ना जाएं तो क्या करें?

कोरोना वायरस संकट के बीच मजदूरों का अपने घरों की तरफ लौटना जारी है। राज्य सरकारों की तरफ से हो रही देरी और खाने-पीने की तकलीफों के बीच मजदूर पैदल ही अपने घरों की तरफ चल निकले हैं। पैदल ही घर तक पहुंचे की आस में अबतक सैंकड़ों मजदूरों की जान चली गई है। शुक्रवार को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक ऐसी वीभत्स घटना घटी जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप उठी। रेल की पटरी पर सो रहे थके हारे मजदूरों के ऊपर से मालगड़ी गुजर गई और 15 मजदूरों की मौत हो गई।

खाने-पीने के साथ-साथ मजदूरों के सामने और कई चुनौतियां हैं। मसलन,मजदूरों का कहना है कि सड़क के रास्ते जाने पर पुलिस उन्हें मारती है। इसलिए यह लोग पटरी के रास्ते जाते हैं। एनडीटीवी पर एक कार्यक्रम के दौरान कई मजदूरों ने अपना दुख बयां किया। एक मजदूर ने कहा कि सड़क के रास्ते जाने पर पुलिस मारती है इसलिए हम पटरी के रास्ते जाना पड़ता है।

कुछ  मजदूरों ने बताया कि उन्हें 20-20 घंटे भूखा रहना पड़ रहा है और वह पदैल अपने घरों की तरफ निकल रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि खाने पीने की व्यवस्था नहीं है। और सड़कों पर पुलिस मारती है। मजदूर सड़क से पटरी और पटरी से सड़क पर भाग रहे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि ये लोग गलत रास्ते पर जा रहे हैं। इन लोगों को बताया  जाना चाहिए। ये मजदूर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में जा रहे हैं।


एक मजदूर ने बातचीत के दौरान बताया कि हमारे पास ना खाने का कुछ है ना रहने का साधन हैं। सरकार कह रही है स्पेशल ट्रेन भेजी जाएगी  लेकिन कुछ नजर नहीं आ रहा है। हम पैदल घरों की ओर ना जाएं तो क्या करें? हादसे के बाद भी लोगों का पटरी के रास्ते लोगों का जाना कम नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि खाने के लिए रास्ते में लोग जो दे देते हैं उससे काम चलाते हैं। कहीं मंदिर में या कहीं लंगर में कुछ खाने को मिल जाता है।

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