पतंजलि ने बिना लाइसेंस लिए बनाई “कोरोना वायरस” की दवाई , केस दर्ज नोटिस भी जारी

Highlights

● जयपुर में भी बाबा रामदेव के खिलाफ गांधी नगर थाने में परिवाद दर्ज की गई है।

● जयपुर के डॉ. संजीव गुप्ता द्वारा लगाई गई परिवाद में कहा गया है कि वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

● राजस्थान के चिकित्सक मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा कि बाबा रामदेव ने लोगों का मजाक बना के रख दिया भले ही वह केंद्र के कितने ही करीब हो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें सजा मिलनी चाहिए

बाबा रामदेव द्वारा लॉन्च कि गई कतीथ कोरोना वायरस की दवाई को लेकर अभी विवाद रुकने को नाम नहीं ले रहा है। जब बाबा रामदेव कि कंपनी ने जोरो शोरो से इसका प्रचार किया की हमारी दवाई कोरोना का 100 प्रतिशत इलाज करती है तो मीडिया में इसका भरपूर प्रचार प्रसार किया.

हालाकि विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य हेल्थ ऑर्गनाइजेशन अभी तक इस वायरस की वैक्सीन ढूंढने में नाकाम रहे है लेकिन बाबा रामदेव ने आयुर्वेदिक नुस्खे से इसके इलाज का दावा किया तो चर्चा का विषय बन गया।

जब मामला गर्मा गया तो आईसीएमआर और आयुष मंत्रालय ने बाबा रामदेव की इस दवाई और दावे दोनों से किनारा कर लिया साथ ही आयुष मंत्रालय ने इस दावे के प्रचार पर रोक लगाने को भी कहा और बताया कि अभी तक प्रमाणित नहीं हुआ है हमने पतंजलि से इसके बारे में जानकारी मांगी है।

इसी क्रम में रामदेव की कंपनी पतंजलि ने कहा कि कम्युनिकेशन गैप था जिसे पूरा कर लिया गया है। इसी बीच खबर निकल कर आ रही है कि उत्तराखंड आयुर्वेद डिपार्टमेंट ने बयान जारी कर रहा है कि बाबा रामदेव कि कम्पनी पतंजलि को हमने कोई कोरोना वायरस बनाने का लाइसेंस नहीं दिया है हम उनके खिलाफ नोटिस जारी कर रहे है।

की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड आयुर्वेद डिपार्टमेंट ने कहा कि पतंजलि की एप्लिकेशन के आधार में हमने जो लाइसेंस जारी किया था उसमे कोरो ना वायरस का जिक्र तक नहीं था हमने सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ाने, कफ और बुखार कि दवा के लिए लाइसेंस जारी किया था। बयान में आगे कहा गया कि हम उन्हे नोटिस भेजेंगे की आखिर उन्हे Covid-19 निरोधक किट बनाने की अनुमति किसने दी ?

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