आपको बता दें कि भारत के द्वारा बनाई गई कोरोना की वैक्सीन का बोलबाला पूरी दुनिया में बज रहा है! यही नहीं बल्कि भारत के अंदर बनी कोरोना की वैक्सीन की मांग दुनिया के कई सारे देश में कर रहे हैं और इसके साथ ही उनमें से कइयों को तो इसकी खेप भी मुफ्त में उपलब्ध भी कराई गई है! ऐसे में हम नेपाल के सेना प्रमुख पूर्णचंद्र थापा ने मेड इन इंडिया कोरोना वायरस की वैक्सीन की पहली डोज लेकर भारत के अंदर बनी वैक्सीन की विश्वसनीयता और साथ ही स्वीकार्यता को भी आगे बढ़ाने का काम किया है!

आपको बता दें कि पिछले ही महीने नेपाल को भारतीय कोरोना की वैक्सीन की दूसरी खेप मिली है जिसमें 1000000 डोज मुहैया कराए गया हैं! जिस AstraZeneca की वैक्सीन की खेप नेपाल देश को मुहैया कराई गई है और साथ ही उसको सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के द्वारा कविशिल्ड नाम से बनाया गया है! वही जनवरी 2021 में नेपाल में इसके आपात प्रयोग को मंजूरी भी दे दी गई थी वही भारत के द्वारा खेप भेजे जाते ही वहां पर टीकाकरण अभियान भी शुरू हो गया था!

बता दे कि नेपाल को भारत में बनी कोरोना की वैक्सिंग की दूसरी खेप भेजी गई जिसमें वहां के सभी बुजुर्गों का टीकाकरण किया जाएगा! 60 वर्ष से जायदा की उम्र के लोगों को प्राथमिकता के रूप में कोरोना की वैक्सीन दी जाएगी। बता दें कि नेपाल के अंदर 8.73% जनसंख्या बुजुर्गों की है! वही 7 मार्च को टीकाकरण अभियान का वहां पर दूसरा फेज भी शुरू किया जाना है! वही आपको बता दें कि अब तक भारत ने पाकिस्तान को छोड़कर बाकी सभी पड़ोसी मुल्कों को वैक्सीन मैत्री के तहत कोरोना वैक्सीन उपलब्ध करा दी है!