NIA की सख्ती के आगे टूट गया सचिन वाजे, काबुली 100 करोड़ वसूली की बात..

नई दिल्ली। आपको बता दें कि एंटीलिया केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA की गिरफ्त में आए सचिन वाजे ने एक बड़ा कबूनामा किया है। सचिन वाजे ने इस बात की पुष्टि कर ली है कि, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने जो आरोप लगाएं हैं, वो बिल्कुल सही हैं।

जानकारी के अनुसार सचिन वाजे ने इस बात को मान लिया है कि, 100 करोड़ रुपये की वसूली का टारगेट रखने की बात बिल्कुल सही है। सूत्रों का ये कहना है कि एनआईए की पूछताछ में मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) के पूर्व प्रमुख सचिन वाजे ने ये बताया है कि उसे 100 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य गृहमंत्री अनिल देशमुख ने ही दिया था।

इसके साथ ही, सचिन वाजे ने एक अन्य हाई प्रोफाइल मंत्री का भी नाम इस मामले में लिया है। बता दें कि सचिन वाजे ने पूछताछ में ये कबूल किया है कि, इस दूसरे हाई प्रोफाइल मंत्री ने भी बीते साल उसे पैसों की वसूली का टारगेट दिया था। हालांकि सूत्रों ने यह नहीं बताया है कि वह दूसरा मंत्री अखिर कौन है।

आपको बता दें कि मुंबई पुलिस के एपीआई सचिन वाजे की गिरफ्तारी के बाद उनसे लगातार ही पूछताछ कर जानकारी ले रही है। वही ऐसे में आज उन्हें एनआईए कोर्ट में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि NIA कोर्ट ने सचिन वाजे 25 मार्च तक कि पुलिस कस्टडी में भेजा था। जिसके बाद आज एनआईए फिर से सचिन वाजे को एनआईए कोर्ट में पेश कर उसकी आगे भी कस्टडी की मांग करने वाली है।

वही आपको बता दें कि 14 मार्च को सचिन वाजे को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले ठाणे की एक अदातल में भी सचिन वाजे ने अग्रिम जमानत दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। वहीं मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए गृह मंत्री पर वसूली के आरोपों के बाद अब राज्य में सियासी संग्राम मचा हुआ है।

आपको बता दें कि इन सबके बीच अब गृह मंत्री अनिल देशमुख ने खुद एक चिट्ठी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखी है। इसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को लेकर कहा है कि, अगर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे जांच के आदेश देते हैं, तो फिर उसका स्वागत करेंगे।

बता दें कि गृह मंत्री अनिल देशमुख ने स्पष्ट तौर पर ये कहा है कि, मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने उनके ऊपर जो वसूली के आरोप लगाए हैं, उन सभी आरोपों की जांच करवाई जाए। चिट्ठी में गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि, जब सभी आरोपों की जांच की जाएगी तो दूध का दूध पानी और पानी का पानी हो जाएगा।

उन्होंने अपनी चिट्ठी में ये भी लिखा है कि अगर सीएम जांच के आदेश देते हैं तो मैं इसका स्वागत करूंगा। वहीं भारतीय जनता पार्टी भी लगातार गृह मंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है।

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