उपचुनाव से पहले सिंधिया को लेकर बीजेपी में सिर फुटव्वौल, महाराज, नाराज और शिवराज

मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक पूर्व विधायकों को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। कहा जा रहा है कि मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा दखल दिए जाने से बीजेपी के कई कद्दावर नेता नाराज़ हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज को अपनी नाराज़गी से अवगत करा दिया है।

सूत्रों की माने तो सिंधिया समर्थक जिन पूर्व विधायकों को मंत्री बनाया गया है, उन्हें लेकर भी अब बीजेपी के अंदर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। बताया जा रहा है कि बीजेपी के वफादार रहे पूर्व मंत्रियों ने सिंधिया समर्थको को बिना विधायक बने मंत्री बनाये जाने पर कड़ा एतराज जताते हुए पार्टी हाईकमान को पत्र भी लिखा है।

पिछली शिवराज सरकार में मंत्री रहे बीजेपी के कई विधायकों ने इस बात को लेकर नाराज़गी जताई है कि सिंधिया समर्थक नेताओं को विधायक न होने के बावजूद मंत्री बना दिया गया है जबकि उन्हें विधायक होने के बाद भी मंत्री पद से वंचित रखा गया है।

सूत्रों की माने तो मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया अहम विभाग अपने समर्थक मंत्रियों को दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर दबाव बना रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के वफादारों का एक गुट जल्द ही दिल्ली में पार्टी के बड़े नेताओं से मिलने का प्लान बना रहा है और इन विधायकों ने पार्टी के अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात का समय भी मांगा है। वहीँ दूसरी तरफ उपचुनाव की तैयारी में लगी बीजेपी का राज्य में विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। उपचुनाव वाली सीटों पर बीजेपी के उन मंत्रियों का विरोध हो रहा है जो 2018 में कांग्रेस के टिकिट पर चुन कर विधायक बने थे।

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