देखिए! एनकाउंटर से पहले इस तरह रोकी गईं मीडिया की गाड़ियां! क्या Fake था एनकाउंटर ?

कानपुर कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे को यूपी STF उज्जैन से लेकर कानपुर आ रही थी. कहा जा रहा है कि STF की एक गाड़ी पलट गयी. गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे भागा, पुलिस की पिस्टल छीनकर. और पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की. और कार्रवाई के बाद विकास दुबे मारा गया.

लेकिन इस कहानी में एक पेच नज़र आ रहा है. पेच ये कि मीडिया  STF के क़ाफ़िले को लगातार ट्रेस कर रहा था. घटनास्थल से कुछ दूरी पर मीडिया की गाड़ियों को रोक दिया गया. पूछने पर SSP ने कहा कि गाड़ी रोकने के आदेश के बारे में मुझ कोई जानकारी नहीं है.

कई गाड़ियों को अचानक कानपुर पुलिस ने भारी फोर्स के साथ सड़क जाम कर रोक दिया. सभी गाड़ियों की तलाशी ली जाने लगी. हल्ला मचा. अपनी-अपनी गाड़ियों से सभी पत्रकार बाहर निकले, तो उन्होंने देखा कि पुलिस ने गाड़ियों को रोका हुआ हुआ है.

कुछ दूर पर वही TVU 300 गाड़ी पलटी मिली. ये वही गाड़ी थी, जिसमें विकास सवार था. टाइम लगभग 7 बजकर 12 मिनट. इस वक्त एनकाउंटर हो चुका था. विकास को गोली लग चुकी थी.

इसके पहले विकास दुबे के साथी प्रभात मिश्रा के बारे में भी 9 जुलाई को ऐसी ही ख़बर आई थी. प्रभात मिश्रा को फ़रीदाबाद से कानपुर ट्रांज़िट रिमांड पर लाया जा रहा था. STF की गाड़ी पंक्चर हुई. प्रभात मिश्रा STF की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश करने लगा. क्रॉस फ़ायरिंग हुई. प्रभात मिश्रा मारा गया.

विकास दुबे के साथ भी यही हुआ. उज्जैन से कानपुर ट्रांज़िट रिमांड पर लाया जा रहा था. गाड़ी का ऐक्सिडेंट हुआ. और जो घटनाक्रम है, वो आपके सामने है.

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