लॉकडाउन के कारण दिल्ली में फंसे बिहार के पांच मजदूरों को घर वापसी के लिए बाहर निकलना मंहगा पडा. घर से कुछ दूर आगे ही लुटेरों ने पैसे, मोबाइल समेत सारा सामान लूट लिया. हालांकि जान पर खेलकर मजदूरों ने एक लुटेरे को पकड लिया. 

दिल्ली के हरि नगर और कीर्ति नगर में फर्नीचर वर्कशॉप में काम करने वाले पांच बिहारियों के साथ ये वाकया हुआ. लॉकडाउन के कारण फैक्ट्री बंद थी और कहीं से खाने-पीने की भी व्यवस्था नहीं हो पा रही थी. लिहाज बिहार के रहने वाले पांच मजदूरों ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जाकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन के बारे में जानकारी लेने की सोंची. ट्रेन नहीं मिलती तो पैदल ही घर की ओर रवाना होने की भी ठान ली.

बिहारी मजदूर बिजेंद्र ने बताया कि उन्हें कोई ये बताने वाला नहीं था कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन में कैसे टिकट मिलेगी. तब हम लोगों ने तय किया कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जाकर ट्रेन के बारे में जानकारी ली जाये. विजेंद्र ने बताया कि उन लोगों ने तय कर लिया था कि अगर ट्रेन नही मिलेगी तो रेलवे लाइन पकड़ कर पैदल ही बिहार के लिए रवाना हो जायेंगे. 
चूड़ा और चना का भूजा लेकर दिल्ली से निकले बिहारियों को कुछ दूर आगे ही लुटेरों ने घेर लिया. दिल्ली के पटेल नगर के पास प्रेम नगर में चार लुटेरों ने उन्हें घेर लिया. फिर लाठी-डंडे से पीटते हुए सारे पैसे और मोबाइल छीन लिया. बिहारी मजदूर विजय कुमार ने बताया कि लुटेरों ने लाठी डंडों से बुरी तरह पीटा और चाकू से गोद देने की धमकी दी. डर से हमने अपने पैसे और मोबाइल उन्हें दे दिया. बिहारी मजदूरों से 2100 रूपये, तीन मोबाइल और आधार कार्ड लूट लिये गये.

मजदूर विजेंद्र ने बताया कि जब लुटेरे सामान लूट कर भागने लगे तो हमारी जान निकल गयी. हमारे पास खोने को अब कुछ नहीं था. इसलिए हमने उनका पीछा करना शुरू कर दिया. भागने के दौरान एक लुटेरा पिछड़ गया. हमने उसे धर दबोचा. उनके शोर शराबा करने पर दिल्ली पुलिस की टीम भी वहां आ पहुंची.

दिल्ली पुलिस के डीसीपी सुरिंदर भाटिया ने बताया कि मजदूरों से लूटपाट के बाद पकड़ा गया लुटेरा 21 साल का लड़का है. उसका नाम अमर है. पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने अपने गैंग के बारे में सारी जानकारी दी. पुलिस ने उसकी जानकारी के आधार पर बाकी के तीन लुटेरों को भी गिरफ्तार कर लिया है. उनमें एक 12 साल का नाबालिग लड़का भी शामिल है. दिल्ली पुलिस ने लुटा गया सारा सामान बरामद कर लिया है. डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने मजदूरों के खाने और रात में रहने की भी व्यवस्था की. 
लेकिन मजदूरों को इस बात का मलाल है कि वे अपने घर नहीं जा पाये. विजेंद्र ने बताया कि हमने अपने परिवार वालों को बता दिया था कि हम दिल्ली से निकल रहे हैं. लेकिन बाद में उन्हें ये बताने में भी परेशानी थी कि लुटेरों ने रास्ते में लूट लिया. हमने उन्हें कहा कि पुलिस ने हमें पकड़ कर वापस घर में रहने के लिए भेज दिया है.

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