अभिनेत्री कंगना रणौत को किसान आंदोलन के खिलाफ ट्वीट करना भारी पड़ गया है। कर्नाटक की टुमकुरु जिले की एक अदालत ने कृषि कानूनों पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ इस ट्वीट का संज्ञान लेते हुए कंगना पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। हालांकि  कंगना ने बवाल होने पर इस ट्वीट को डिलीट कर दिया था।

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क्या है पूरा मामला –

दरअसल कंगना ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर ट्वीट करते हुए कहा था कि जो लोग सीएए के बारे में गलत सूचना और अफवाहें फैलाते हैं और वह दंगे का कारण बनता है। अब वही लोग हैं जो अब किसानों के बिल के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं और देश में आतंक पैदा कर रहे हैं। वे एक तरह से आतंकवादी हैं।  

नाइक ने कहा कि अन्नदाताओं के लिए किए इस ट्वीट से उन्हें बहुत ठेस पहुंची है, जिसके चलते उन्हें कंगना रणौत के खिलाफ केस फाइल करने पर मजबूर होना पड़ा।

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एडवोकेट एल. रमेश नाइक की तरफ से की गई शिकायत के आधार पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास ने क्याथासांद्रा थाने के इंस्पेक्टर को कंगना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा था। कोर्ट का कहना था कि कि शिकायतकर्ता ने सीआरपीसी की धारा 155 (3) के तहत आवेदन देकर जांच की मांग की है।

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