झारखंड सरकार अपने 177 प्रवासी मजदूरों को फ्लाइट से मंगाया, राज्य सरकार देगी किराया

देशभर में लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से लाखों मजदूर (Lobour)  पैदल ही अपने घर के लिए निकल पड़े। इस बीच हालही में झारखंड सरकार ने अपने मजदूरों को फ्लाइट से घर मंगवाया है।

झारखंड के 177 प्रवासी मजदूर आज मुंबई से रांची पहुंचे. झारखंड सरकार के प्रयास और एलुमनाई नेटवर्क ऑफ नेशनल लॉ स्कूल बेंगलुरु के सहयोग से एयर एशिया की फ्लाइट से इन मजदूरों को रांची लाया गया है. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इसके लिए एलुमनाई नेटवर्क ऑफ लॉ स्कूल की सराहना की है. हेमंत सोरेन ने खुशी जताते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता में मजदूरों की सकुशल घर वापसी कराना है.

 प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र सरकार से आग्रह किया कि झारखण्ड के कई प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों में फंसे है, जहां से उन्हें ट्रेन एवं बसों से वापस लाना काफी कठिन हो रहा है। उन सभी जगहों से विशेष उड़ानों के माध्यम से उन्हें रांची लाने की अनुमति दी जाए।

वक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने विशेष उड़ानों से मजदूरों की वापसी के लिए गृह मंत्री अमित शाह से भी पत्र के माध्यम से आग्रह किया था। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जहां एक ओर झारखंड में रह रहे जरूरतमंदों के रहने-खाने की व्यवस्था की जा रही है, वहीं राज्य के बाहर फंसे लोगों की वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं।

वहीं, झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह खुशी की बात है कि प्लेन से झारखंड के मजदूर अपने राज्य लौट रहे है। अंडमान में फंसे लोगों को लाने के लिए दो और फ्लाइट जल्द ही रांची में लैंड करेगी। उनका कहना है कि फ्लाइट का किराया राज्य सरकार उठा रही है।

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