Israel ने संयुक्त राष्ट्र और साथ ही टर्की को सीधी शब्दों में दे दी चेतावनी, कहा….

आप सभी को तो ये बात पता ही होगी कि इस समय इजराइल(Israel) और हमास दोनों के बीच लगातार गतिरोध जारी है। इस गतिरोध के चलते 120 से भी अधिक लोगो अब तक अपनी जान गवा चुके हैं। हमास कब्जे वालो गाज़ा पट्टी इस मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है। जबकि गाज़ा पट्टी से लागातार ही इजरायल पर रॉ केट दागे जा रहे हैं, वही इसके जबाब में इजराइली वायुसेना भी लगभग 600 से अधिक बार हमास अधिकृत हिस्से पर हमला कर चुकी है। इजाइल सरकार इस समय इतनी अधिक नाराज हैं कि उन्होंने अपनी थलसेना को भी इस लड़ाई में उतार दिया है। वही हमास और फिलीस्तीन के लिए इस समय बेहद गंभीर स्थिति बनी हुई है। अभी तक इजराइली थल सेना ने कोई भी कार्रवाई नहीं की है, लेकिन बहुत ही जल्द वो इस काम को भी करेंगे। आखिर इजराइल इतनी जल्दबाजी और आक्रा मक अंदाज में क्यों है? आइए आपको बताते हैं

पहले नेस्त नाबूद फिर होगी बातचीत

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के एक बयान में कहा है कि हमास ने बहुत बड़ी गलती कर दी है। उन्हें इसके बुरा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा । उन्हें इस हरकत के लिए बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी। चरम पंथियों के खा त्मे के बाद ही अमन मुमकिन है। एक तरफ बयान आया, तो वही दूसरी तरफ शुक्रवार सुबह में इजराइली थल से ना पूरी तैयारी के साथ गाजा पट्टी और साथ ही फिलीस्तीनी सीमा के आस-पास जुट गई।

इजराइल की रणनीति

इस बारे में कोई दोहराय नहीं कि इजराइल सैन्य रूप से बेहद ताकतवर है। वही इजराइल के साथ पश्चिमी देशों के साथ महाशक्ति अमेरिका भी है। अमेरिका व अन्य देशों के साथ इजराइल लगातार संपर्क में है। हमास ने बहुत समय बाद इजराइल पर हमला किया है। इस हिसाब से अब हमास का बचना बिल्कुल भी आसान नहीं है।

‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक ख़बर के अनुसार , इजराइल बहुत अच्छे से जानता है कि दोनों पक्षों में सीजफायर कराने के लिए दुनिया के बड़े देश एक्टिव हो चुके हैं। और वो दिन ज्यादा दूर भी नहीं, जब सीजफायर हो जाएगा। इसके पहले इजराइल हमास की कमर तोड़ देना चाहता है, ताकि वो भविष्य में फिर कभी सिर न उठा सके। यही वजह है कि इजराइली थल सेना भी हमले के लिए पूरी तरह से तैयार है।

कौन करेगा मध्यस्थता

खबर के अनुसार अमेरिका और मिस्र(Egypt) के डिप्लोमैट मध्यस्थता कर करवा सकते हैं। डिप्लोमैट्स सीज फायर की शर्तों की योजना बनाने के लिए मीटिंग्स भी कर रहे हैं। लेकिन इजराइल इस वक़्त एक अलग मूड में ही दिख रहा है, और इस समय किसी की भी नही सुनना चाहता और साथ ही बातचीत से पहले ही वह हमास को मिटाना चाहता है।

गाज़ा में स्थिति हमास और साथ ही फिलीस्तीन के विचार भी आपस मे नही मिलते। फिलीस्तीन सरकार को हमास के दबाब में काम करना पड़ रहा है। फिलीस्तीन सरकार हमास के कंधे पर रखकर अपना बन्दूक चला रही है।

अमेरिका भी इजराइल के साथ है खरा

आपको बता दें कि जो बाइडेन ने गुरुवार को बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि इजराइल को अपनी हिफाजत करने का पूरा हक है। उन्होंने मध्य पूर्व के मामले देखने वाले डिप्टी सेक्रेटरी हैडी एम्र को इजिप्ट के साथ मिलकर सीजफायर कराने की जिम्मेदारी सौंप दी। इसके पहले इजराइल सिर्फ गाजा पट्टी ही नहीं, बल्कि फिलीस्तीन के बड़े हिस्से को धूल में मिला चुका होगा। आम फिलीस्तीनियों के लिए ये एक बेहद कठिन समय है।

आपको बता दें कि इस गति रोध पर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने भी अपना बयान दिया है उन्होंने कहा कि ‘हम चाहते हैं कि बातचीत खुले दिमाग से हो। इसके लिए हमें अगले हफ्ते का इंतजार करना होगा। डिप्लोमैसी के लिए समय मिलना चाहिए। इस सब से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इजराइल इस बार पूरा हिसाब किताब, हमास से करेगा। वही अब आगे ये देखना होगा कि आगे क्या होगा।

Leave a Comment