विदेशों से भारतीय मुफ़्त में आ सकते हैं तो मज़दूरों से रेल किराया क्यों? सोनिया गांधी का ऐलान मजदूरों का रेल यात्रा का खर्च उठाएगी कांग्रेस

2008 में बिहार के कोसी में बाढ़ आई थी। उस समय रेल मंत्री लालू प्रसाद (Lalu prasad yadav) थे। उन्होंने कोसी के बाढ़ पीड़ितों के लिए छह ट्रेनें मुफ्त में चलवाई थीं। सहरसा-मधेपुरा, पूर्णिया-बमनखी, सहरसा-पटना के बीच चार ट्रेनें और समस्तीपुर से सहरसा के बीच दो ट्रेनें। बाढ़ ने सबको आर्थिक रूप से उजाड़ दिया था इसलिए लालू प्रसाद ने मुफ्त में ये ट्रेनें चलवाई थीं। बिजनेस स्टैंडर्ड की ख़बर की प्रति लगा रहा हूं। इस ख़बर में यह जानकारी अंतिम पैराग्राफ है। आज की मोदी सरकार होती तो ख़बर लिखने वाला इसी बात से शुरू करता कि सरकार मुफ्त में लोगों को घर पहुंचाएगी। उस वक्त ज़माना दूसरा था तो पहले यह छपी है कि लालू प्रसाद ने टीवी के किसी शो से मिला एक करोड़ रुपया बाढ़ पीड़ितों के लिए दान कर दिया है।

द हिन्दू की ख़बर बताती है कि रेल बोर्ड के सर्कुलर के अनुसार श्रमिक स्पेशल के मज़दूर यात्रियों से किराया और 50 रुपये अतिरिक्त भार लिए जाएंगे। स्लीपर क्लास का किराया लेने की बात कही गई है। इसके अलावा 30 रुपये सुपरफास्ट चार्ज और 20 रुपए अतिरिक्त। कुल 50 रुपये।

कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने प्रवासी मज़दूरों को अपने गृह राज्य छोड़ने के लिए रेलवे की ओर से किराया वसूलने की कड़ी आलोचना की है| सोनिया गांधी की ओर जारी किए गए बयान में कहा गया है कि प्रदेश कांग्रेस कमिटी की हर इकाई सभी ज़रूरतमंद मज़दूरों की घर वापसी के लिए रेल टिकट का खर्च देगी|

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा है, ”मज़दूर राष्ट्रनिर्माण के दूत हैं. हम विदेशों में फंसे भारतीयों को अपना कर्तव्य समझकर मुफ़्त में वापस ला सकते हैं, गुजरात में केवल एक कार्यक्रम में सरकारी ख़ज़ाने से 100 करोड़ रुपए खर्च कर सकते हैं, रेल मंत्रालय कोरोना फंड में 151 करोड़ रुपए दे सकता है तो फिर इन मज़दूरों को मुफ़्त में घर क्यों नहीं पहुंचाया जा सकता है?”

प्रवासी मज़दूरों से रेलवे की ओर से किराया वसूलने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी ट्वीट कर पूछा है, ”एक तरफ़ रेलवे दूसरे राज्यों में फँसे मज़दूरों से टिकट का भाड़ा वसूल रही है वहीं दूसरी तरफ रेल मंत्रालय पीएम केयर फंड में 151 करोड़ रुपए का चंदा दे रहा है. ज़रा ये गुत्थी सुलझाइए!”

आई टी सेल ही एकमात्र राजनीतिक जमात है जो जनमत बनाता है। आप सभी आई टी सेल के लोगों से गुज़ारिश करें कि आई टी सेल मज़दूरों के हित के लिए लड़ें। या फिर लालू प्रसाद के खिलाफ ट्रेंड कराए कि उन्होंने बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए मुफ्त में ट्रेन चला कर रेलवे का नुकसान कर दिया। पीयूष गोयल के पक्ष में ट्रेंड कराए कि वे आर्थिक रूप से टूट चुके मज़दूरों से किराया लेकर रेलवे का फायदा कराया है। गोयल की मानवता लालू प्रसाद की मानवता से महान है।सरकार दयावान महान है। किराया लेकर ट्रेन चलाती है। ख़बरें ऐसे छपती हैं जैसे मुफ्त में कृपा बरसाई गई है।

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