भारत अब विश्वगुरु है।
हम सबसे ज़्यादा कोरोना के नए मामलों और एक दिन में मौत की संख्या में नंबर 1 पर हैं। आज प्रसारण दिवस है। सुबह से रेडियो रेंक रहा है कि इतने लोग स्वस्थ हो गए। कोई नहीं बता रहा है कि 24 घंटे में 45720 नए मामले सामने आए हैं और 1129 लोगों की मौत हुई है। यह दुनिया में सबसे ज़्यादा है। यह सच बता देंगे तो क्या होगा? लोग डर जाएंगे? लोगों में कोरोना से मरने का खौफ़ खत्म होता जा रहा है। यह इस देश की स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्था की नाकामी से पैदा हुआ आक्रोश है। इसका सीधा मतलब है कि सरकारें लोगों की जान बचाने में नाकाम हो रही हैं। भोपाल में कल से 10 दिन का लॉकडाउन है। रोज़ का 300 करोड़ का कारोबारी नुकसान होगा। कारोबारी ईद और रक्षाबंधन के मौके पर कुछ खरीददारी की उम्मीद लगाए बैठे थे। कहीं न कहीं उनके लिए भी ज़िन्दगी और मौत का सवाल है। सरकारों पर भरोसा रोज़ टूट रहा है। लोग लापरवाह हो रहे हैं। सरकार आलोचना सुनना नहीं चाहती। उसे इसमें बगावत की बू आती है। ऐसे में बशीर बद्र साहेब की “अजनबी पेड़ों के साये से” एल्बम की आखिरी पंक्तियां याद आती हैं- सच अदालत से सियासत तक बहुत मसरूफ है, झूट बोलो, झूट में अब भी मुहब्बत है बहुत।

भारत में कोरोना से हुए मौतों की संख्या लगभग 30,000 होने वाली है लेकिन मीडिया इसे नजरअंदाज कर रही है. क्योंकि सत्ता के हाथों बिक चुकी मीडिया के पास कोरोना महामारी कोई मुद्दा ही नहीं है उसके पास मुद्दा है तो सिर्फ राजस्थान में सरकार बनानी है, मंदिर में भूमि पूजन कराना है, मुस्लिम मुक्त भारत कराना है, लव जिहाद, पाकिस्तान पर हमला, बगदादी, अघेरा वगैरा बस एक नेता की छवि ना खराब हो जाए इसलिए जो मुद्दे हैं उसे उठा नहीं रही है.

कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों  (Coronavirus India) की रफ्तार रोजाना बढ़ती ही जा रही है. भारत में बीते 24 घंटे के भीतर सबसे अधिक 45 हजार से ज्यादा मामले आए हैं. यह आंकड़ा अब तक का सर्वाधिक है. 23 जुलाई की सुबह तक देश में पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस संक्रमण के 45,720 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही अब देश में कुल दर्ज मरीज़ों की संख्या 12 लाख के पार हो गई है. इतना ही नहीं, पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा 1,129 लोगों की मौतें भी हुई हैं. इसी के साथ अब तक हुई कुल मौतों का आंकड़ा 29,861 पर पहुंच गया है. चिंताजनक बात यह है कि अगर यही रफ्तार रही, तो 12 से 13 लाख का आंकड़ा पार करने में सिर्फ दो दिन लगेंगे, और हम शनिवार (25 जुलाई) सुबह 13 लाख का आंकड़ा पार कर चुके होंगे.

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार 22 जुलाई तक टेस्ट किए गए कोरोनावायरस (COVID-19) सैंपलों की कुल संख्या 1,50,75,369 है, जिसमें 3,50,823  सैंपलों का टेस्ट बीते 24 घंटे में किया गया.

देश मे कोरोना के अब तक कुल 12,38,635 पॉजिटिव मामले आ चुके हैं. जबकि ठीक होने वालों की संख्या 7,82,607 तक पहुंच गई है. रिकवरी रेट की बात करें तो अब मामले 63.18% तक रिकवर हो रहे हैं. जबकि पॉजिटिविटी रेट 13.03% है. 

भारत में पहले एक लाख COVID-19 केस सामने आने में 110 दिन लगे थे, और उसके बाद दो लाख मामले तक पहुंचने में हमारे मुल्क को 15 दिन का समय लगा था. इसके बाद हर एक लाख मामलों में लगने वाला समय घटता चला गया, और स्थिति गंभीर से गंभीरतर होती चली गई. तीन लाख केस तक पहुंचने में हमें 10 दिन लगे, चार लाख तक आठ दिन, पांच लाख तक छह, छह लाख तक पांच, सात लाख केस तक पांच, और आठ लाख मामलों तक पहुंचने में चार दिन लगे थे. इसके बाद प्रत्येक एक लाख मामलों के लिए देश को सिर्फ तीन दिन का वक्त लगा.

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