अगर राजस्थान में कहीं भी बिकती दिखी यह दवा तो बाबा रामदेव होगा जेल में : चिकित्सा मंत्री डॉक्टर रघु शर्मा

जब से बाबा रामदेव ने कोरोना वारयस को तोड़ निकालने और दवा लॉंच की है तब से मुश्किल बढ़ती जा रही हैं। राजस्थान के जयपुर में बाबा रामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद अब चिकित्सा मंत्री का भी बयान आया है।


पूरा देश कोरोना के खिलाफ लड़ रहा जंग


राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा ​है कि अगर कहीं भी पतंजलि वाली कोरोना की दवा बिकती दिखी तो बाबा रामदेव जेल में होगा। क्योंकि इस वक्त पूरा देश कोरोना महामारी के खिलाफ जंग लड़ रहा है।

दुनिया में अभी तक कोरोना वायरस की दवाई नहीं आई है। ऐसे में बाबा रामदेव के पतंजलि द्वारा कोरोना की दवा खोज निकालने का दावा अपराध की श्रेणी में आता है। पूरे मामले को अपराध मानते हुए बाबा रामदेव व पतंजलि के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन को करना चाहिए फॉलो


राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि आयुष मंत्रालय ने 21 अप्रैल 2020 को गजट नोटिफिकेशन के जरिए एक अधिसूचना जारी की है। ड्रग और कॉस्मेटिक एक्ट के तहत उन्होंने 9 पॉइंट दिए हैं।

कोई भी अगर क्लीनिकल ट्रायल करना चाहता है तो उसे एडवाजरी कमेटी के मुताबिक या आईसीएमआर की गाइडलाइन को फॉलो करते हुए करना चाहिए। आयुष मंत्रालय की एडवाजरी में कई पॉइंट्स जारी किए गए हैं। मुझे नहीं लगता कि किसी स्वीकृति के बाद ये क्लीनिकल ट्रायल हुआ है। न भारत सरकार और न ही राज्य सरकार। जो पूरी तरह से गैरकानूनी है। ये कोई मार्केटिंग करने का टाइम नहीं है।

पतंजलि की दवा से कोई मर तो जिम्मेदार कौन

डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस पूरी दुनिया परेशान है। बाबा रामदेव के पतंजलि ने कोरोना की दवा को मजाक बना दिया है। कल अगर कोई मर गया, कौन जिम्मेदार होगा। जहां तक निम्स (जयपुर) का सवाल है, हमने इंस्टीट्यूश्नल क्वारंटाइन के लिए कुछ दिन लोगों को रखा था। जिनका पता नहीं था कि वो पॉजिटिव हैं या नहीं, उनका क्लीनिकल ट्रायल कहां से हो गया।

बाबा रामदेव ने कोरोनिल नाम से दवा आयुर्वेद टैबलेट लॉन्च की

बता दें कि मंगलवार को बाबा रामदेव ने कोरोनिल नाम से आयुर्वेद टैबलेट लॉन्च की थी। हालांकि, साढ़े 5 घंटे बाद ही केंद्र सरकार ने इसके प्रचार पर रोक लगा दी। सरकार ने कहा कि दवा की वैज्ञानिक जांच नहीं हुई है। आयुष मंत्रालय ने पतंजलि आयुर्वेद से दवा के लाइसेंस समेत पूरा ब्योरा मांगा है।


बाबा रामदेव ने दावा किया था कि पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (निम्स) यूनिवर्सिटी, जयपुर ने मिलकर तैयार किया है। सबसे अहम बात सामने आई कि महज ढाई माह के वक्त में इस दवा को तैयार कर लॉन्च किया गया। जयपुर में अप्रैल की शुरुआत में पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट की टीम पहुंची थी।

इसके बाद निम्स में चेयरमैन डॉ. बीएस तोमर से मुलाकात कर मरीजों का हाल जाना गया। इस बीमारी पर रिसर्च शुरू हुआ। इसके बाद क्लीनिकल केस ट्रायल के लिए 280 मरीजों को चुना गया था।

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