पटना में ऑक्सीजन बेचते पकड़ाया डॉक्टर, 50 हजार में 1 ऑक्सीजन सिलेंडर बेचा, गिरफ्तार

आर्थिक अपराध इकाई ने ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने शास्त्रीनगर में यूनिक हॉस्पिटल के डायरेक्टर अबूल वफा को भी गिरफ्तार किया है। वफा अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कोविड मरीजों को 50 हजार में एक सिलेंडर बेच रहा था।

अबूल से पूछताछ के आधार पर आर्थिक अपराध इकाई ने उसके दो सहयोगी धुपेन्द्र कुमार और राजू कुमार को गिरफ्तार किया। खासबात यह है कि जिस वक्त आर्थिक अपराध इकाई की स्पेशल टीम ने धुपेन्द्र को गिरफ्तार किया वह शराब के नशे में था।


इओयू की टीम ने ब्रेथ एनालाइजर से जब उसकी जांच की तो वह पॉजिटिव पाया गया। उसके खिलाफ एक्साइज एक्ट में भी कार्रवाई की जा रही है। धुपेन्द्र धनरुआ का रहने वाला है और राजू किशनगंज का रहने वाला है।

आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार यूनिक हॉस्पिटल का डायरेक्टर अबुल वफ़ा के पिता मुजफ्फरपुर जिला के कटरा से जिला परिषद सदस्य है और वह हथौड़ी थाना में एक मामले में अभियुक्त भी है।

डीएसपी रजनीश कुमार और डीएसपी भास्कर के नेतृत्व में स्पेशल टीम अबुल वफ़ा के घर की भी तलाशी ले रही है। छापेमारी में एक पियाजियो लगेज करियर,7 जंबो और 2 छोटा ऑक्सीजन सिलिंडर, कई रेगुलेटर और मोटरसाइकिल जब्त की गई है।

लगातार कार्रवाई फिर भी दुस्साहस
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में ईओयू ने ऑक्सीजन और दवाओं की कालाबाजारी के कई मामलों में लगातार छापेमारी की है और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। ईओयू ने ऐसे मामलों के लिए बाकायदा एक कंट्रोल रूम बना दिया है। कंट्रोल रूम के नंबर 0612-2215142, 8544428427 पर शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है।

कंकड़बाग के डॉक्टर सुगर अस्पताल को नोटिस
पटना | जिला प्रशासन की अनुमति के बिना कोरोना मरीज का इलाज करने वाले कंकड़बाग के डॉक्टर सुगर अस्पताल को नोटिस दिया गया है। स्थानीय लोगों ने कंट्रोल रूम को बगैर अनुमति कोरोना मरीज को भर्ती करने और इलाज की अधिक राशि वसूलने की शिकायत की थी।

इसके बाद वरीय उप समहर्ता प्रवीण कुंदन के नेतृत्व में धावादल की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान शिकायत काे सही पाया गया है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है ताकि कोरोना मरीज को तत्कार दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराएं। अनुमति लेने के बाद ही कोरोना मरीज का इलाज करनी है। नोटिस का जवाब संतोष जनक नहीं होने पर आगे की कार्रवार्इ प्रशासन के द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

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