बिहार में विधानसभा चुनाव के परिणाम भले ही घोषित हो चुके हैं, और नई सरकार का गठन भी हो गया हो लेकिन राज्य की राजनीति में अभी बहुत कुछ होना बाकी है। आरजेडी (RJD) तो पहले दिन से ही दावा कर रही थी कि उनके जीते हुए उम्मीदवारों को जबरन हराया गया। काउंटिंग में हुई धांधली को कोर्ट में चुनौती दी जाएगी, और सोमवार को आरजेडी के हारे हुए उम्मीदवार कोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी में है।

तेजस्वी यादव चुनाव परिणामों के बाद से लगातार यह दावा कर रहे हैं, जनता का फैसला महा गठबंधन के पक्ष में था। लेकिन चुनाव आयोग का फैसला एनडीए के पक्ष में आया उनका दावा है, कि जनता ने महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत से जिताया है। लेकिन लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई गड़बड़ी के कारण बहुमत एनडीए (NDA) के पक्ष में कर दिया गया।

मनोज सिन्हा ने तो यहां तक दावा कर दिया था कि महागठबंधन के कई उम्मीदवार चुनाव जीत चुके थे। लेकिन चुनाव अधिकारी ने उन्हें प्रमाण पत्र नहीं दिया, और थोड़ी देर बाद कहा कि आप तो चुनाव हार चुके हैं। चुनाव आयोग से शिकायत की गई लेकिन चुनाव आयोग ने साफ तौर पर मना कर दिया, कि काउंटिंग में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई है।

जिसके बाद से ही आरजेडी (RJD) ने साफ कर दिया था, कि चुनाव आयोग के परिणामों को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। लेकिन दीपावली और छठ पूजा के कारण हाई कोर्ट जाने के रूख को कुछ समय के लिए टाल दिया गया था। लेकिन अब छठ पूजा बीतने के बाद महागठबंधन के उम्मीदवार हाई कोर्ट का रुख करने के लिए तैयार है।

सोमवार को शक्ति सिंह यादव पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। शक्ति सिंह यादव हिलसा विधानसभा सीट से आरजेडी के उम्मीदवार थे, और चुनाव में वह जेडीयू के उम्मीदवार से मात्र 12 वोटों से हारे थे। अपनी हार के बाद ही शक्ति सिंह यादव ने दावा किया था कि उन्हें जानबूझकर हराया गया। महागठबंधन के 21 उम्मीदवार हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी में है।

बता दे कि ये वो उम्मीदवार है, जो चुनाव में मामूली वोटों के अंतर से हार गए थे। जिसमें से आरजेडी के 14, सीपीआईएमएल 3, कांग्रेस के तीन और सीपीआई का एक उम्मीदवार शामिल है। विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद तेजस्वी यादव ने कहा की सभी उम्मीदवार व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। आरजेडी इस मामले में सभी उम्मीदवारों की संभव मदद करेगी।