Coronavirus symptoms : कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने पूरे देशभर में तबाही मचा रखा है। कोरोनावायरस महामारी के आंकड़ें दिन-पर-दिन एक नया रिकॉर्ड बना रहा है। हर रोज देश में हजारों की संख्या में मरीज इस ख़तरनाक वायरस से हारकर अपनी जान गवां रहे हैं। अस्पतालों में बैड की भी भारी कमी की वजह से अधिकतर कोरोना संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन में रहकर ही अपना इलाज करवा रहे हैं। कई लोग तो घर पर बड़ी ही आसानी से कोरोनावायरस महामारी को मात दे देते हैं, लेकिन कुछ लोगों को होम आइसोलेशन के समय पर कई समस्याओं सारे का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में वे समझ नहीं पाते हैं कि वे घर पर ही अपना इलाज जारी रखें या फिर वो हॉस्पिटल जाकर भर्ती हो जाएं। इस पर मसीना हॉस्पिटल के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉक्टर संकेत जैन कहते हैं कि कोरोना वायरस महामारी में 85 प्रतिशत लोगों को हल्के-फुल्के लक्षण होते हैं और साथ ही बाकी के 15 प्रतिशत लोगों को अस्पतालों में भर्ती करवाने की जरूरत पड़ती है।

सभी कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होती है। जिन कोरोना मरीजों को डायबिटीज (Diabetes), हाइपरटेंशन (Hypertension), हृदय रोग (Heart Disease), कर्क रोग (Cancer) अथवा अस्थमा (Asthma) की समस्या हो, उन्हें ही अस्पताल में भर्ती करवाने की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा अगर 5 दिन से तेज बुखार, ऑक्सीजन लेवल 94 प्रतिशत से कम होने पर और साथ ही बहुत अधिक खांसी होने पर कोरोना संक्रमित मरीज को हॉस्पिटल में एडमिट करवाने की जरूरत पड़ती है। जिन भी कोरोना संक्रमित मरीजों में ये लक्षण दिख रहे हो, उन्हें तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाने या फिर हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत होती है। कोरोना महामारी के इन 4 लक्षणों को आपको बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और साथ ही जरूरत पड़ने पर अपने नजदीकी डॉक्टर से भी समय-समय पर सलाह लेनी चाहिए।

1.ऑक्सीजन लेवल कम हो जाना (Reduced Oxygen Level)

कोरोना संक्रमित मरीज के ऑक्सीजन लेवल कम होने पर जान जाने का भी खतरा बहुत बढ़ जाता है। ऐसे में कोरोना वायरस महामारी से पीड़ित लोगों को एक हर 1-2 घंटे में अपना ऑक्सीजन लेवल चैक एक बार जरूर करते रहना चाहिए। ऑक्सीजन लेवल 94 से अगर होने पर तुरंत ही उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत होती है। लेकिन आजकल देश के कई ऐसे भी राज्यों है जहा ऑक्सीजन सिलेंडर और साथ ही बैड की भारी किल्लत हो रही है, ऐसे में ऑक्सीजन और बैड मिलना इस समय बड़ा मुश्किल हो रहा है। इसलिए जब तक आपके लिए ऑक्सीजन सिलेंडर या फिर बैड की व्यवस्था नहीं हो जाती है, तब तक पर प्रोन पोजिशन (Prone Position) से अपने ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं।

2.तेज बुखार (High Fever)

आजकल बदलते मौसम की वजह से (Seasonal Changes) हर घर में वायरल फैला हुआ है। ज्यादातर लोग खांसी-जुकाम और साथ ही बुखार से परेशान हैं। और ऐसा ही लक्षण कोरोना वायरस के भी होते हैं। तो ऐसे में ये वायरल है या फिर कोरोना वायरस इसका पता लगाने के लिए आरटी पीसीआर टेस्ट या फिर रैपिड टेस्ट करवाया जाता है। टेस्ट पॉजिटिव (Corona Positive) आने पर खुद को घर पर ही आइसोलेट कर दिया जाता है। लेकिन अगर आपको लगातार 5 दिनों से काफी तेज बुखार है, तो फिर सबसे पहले आपको हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए अगर आपको लगातार 5 दिनों से तेज बुखार है, तो फिर आप एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

3.गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज (Patients Suffering from Critical illness)

बता दे कि जिन लोगों को कोई गंभीर बीमारी नहीं है, वे बहुत ही आसानी से कोरोनावायरस को हराने में कामयाब हो जाते हैं। इन लोगों को हॉस्पिटल जाने की भी जरूरत नहीं होती है, ये होम आइसोलेशन में ही रहकर खुद को ठीक कर लेते हैं। लेकिन जो लोग डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हृदय रोग, कर्क रोग या फिर अस्थमा से पीड़ित हैं और उन्हें कोरोना हो जाता है तो फिर रिस्क फेक्टर (Risk Factor) बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में तुरंत हॉस्पिटल जाने की जरूरत होती है। लेकिन इस बात का भी जरूर ध्यान रखें कि अगर आपको कोरोनावायरस के थोड़े बहुत ही लक्षण है, तो हॉस्पिटल जाने से पहले आप एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। वे आपको बता पाएंगे कि आपको हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत है या फिर नहीं।

4.तेज खांसी होना (High Cough)

आपको बता दें कि बदलते मौसम में बुखार के साथ ही खांसी की समस्या भी ज्यादातर लोगों में देखने को मिल रही है। लेकिन लंबे समय से सूखी खांसी होने पर आपको एक बार कोरोना का टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। वही अगर आपकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो फिर आप जल्दी से खुद को होम आइसोलेशन में रखें। अगर खांसी काफी तेज हो तो आप एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर कर ले। क्योंकि कई बार तेज और साथ ही लगातार लंबे समय से खांसी होने पर आपको हॉस्पिटल में भर्ती होने की भी जरूरत हो सकती है। इसलिए तेज खांसी होने पर आप इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें और एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

अगर आप भी कोरोना वायरस से पीड़ित हैं और आप होम आइसोलेशन में हैं, तो आपको अपना खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। वही अगर आपको ऊपर बताए गए किसी भी लक्षण महसूस हो तो आपको तुरंत एक बार अपने डॉक्टर से कंसल्ट करने चाहिए । वे आपको बता सकते हैं कि आपको हॉस्पिटल जाने की जरूरत है या फिर आप घर पर ही इसका इलाज कर सकते हैं ।

ऐसी सिचुएशन में सबसे पहले आप पैनिक होने से बचें, अपने दिमाग को पूरी तरह से शांत रखें और आप अच्छा खाना खाएं। इससे आप जल्दी ही कोरोना वायरस को मात दे सकते हैं। घर पर ही रहें, सुरक्षित रहें और अपना ध्यान जरूर रखें। इसके साथ ही आप कोरोनावायरस महामारी से अपना बचाव करने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना और साथ ही बार-बार अपने हाथों को धोना जैसे कोरोना गाइडलाइंस का पालन जरूर करें। और घर पर रहे सुरक्षित रहे घर से बाहर तभी निकले जब कोई जरूरी काम हो।