कोरोना 13 लाख पार लेकिन स्वास्थ्य मंत्री बोले भारत दुनिया में सबसे कम संक्रमण व मृत्यु दर वाले देशों में

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि प्रति 10 लाख आबादी पर पर 864 मामले सामने आने और 21 से कम मरीजों की मृत्यु के साथ भारत दुनिया में कोरोनावायरस (Coronavirus) से सबसे कम संक्रमण और मृत्यु दर वाले देशों में से एक है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की ठीक होने की दर 63.45 प्रतिशत है जबकि मृत्यु दर 2.3 प्रतिशत है।

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में शामिल देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों की डिजिटल बैठक को हर्षवर्धन संबोधित कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी। बयान के अनुसार, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किस प्रकार कोरोना वायरस महामारी के दौरान आम लोगों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में शामिल देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों की डिजिटल बैठक को हर्षवर्धन संबोधित कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी। बयान के अनुसार, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किस प्रकार कोरोना वायरस महामारी के दौरान आम लोगों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

हर्षवर्धन ने महामारियों से निपटने में सहयोग पर 2018 में किंगदाओ शिखर सम्मेलन में हस्ताक्षरित संयुक्त वक्तव्य के प्रभावी कार्यान्वयन पर भी जोर दिया। उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन के स्वास्थ्य मंत्रियों की मौजूदा संस्थागत बैठकों के तहत पारंपरिक चिकित्सा पर एक नए उप समूह की स्थापना का प्रस्ताव रखा।

हर्षवर्धन ने कोविड-19 की चपेट में आने की वजह से दुनिया भर में हुई मौतों पर अपनी संवेदना व्यक्त की। इस महामारी को काबू करने के लिए भारत की राजनीतिक प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी की है और जानलेवा वायरस को फैलने से रोकने के लिए सक्रिय और क्रमिक प्रतिक्रिया सुनिश्चित की।

हर्षवर्धन ने इस बीमारी से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि घातक वायरस पर काबू के लिए क्रमबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू की गई जिसमें यात्रा परामर्श जारी करना, शहर या राज्यों में प्रवेश के स्थानों की निगरानी, समुदाय आधारित निगरानी, प्रयोगशाला तथा अस्पतालों की क्षमता बढ़ाना आदि शामिल था।

उन्होंने कहा कि लगातार लॉकडाउन के दौरान भारत को तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने, प्रयोगशालाओं की क्षमता और अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए आवश्यक समय और अवसर भी मिला। लॉकडाउन के नतीजों का जिक्र करते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि भारत में कोविड के अब तक 12.5 लाख मामले सामने आए और इसकी वजह से 30,000 से अधिक लोगों की मौत हुई हैं।

उन्होंने कहा कि प्रति दस लाख आबादी पर 864 मामले सामने आने और 21 से कम मरीजों की मृत्यु होने के साथ भारत दुनिया में सबसे कम संक्रमण और मृत्यु दर वाले देशों में से एक है। उन्होंने बताया कि देश में संक्रमण से ठीक होने की दर 63.45 प्रतिशत है जबकि मृत्यु दर 2.3 प्रतिशत है।

हर्षवर्धन ने एससीओ के सभी सदस्य देशों से संकट की इस घड़ी में एकजुट होने और स्वास्थ्य तथा अर्थव्यवस्था पर कोविड के प्रभाव को कम करने का आह्वान किया। उन्होंने महामारी से निपटने में लगे सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि वे ‘मानवता के लिए भगवान से कम नहीं’ हैं।

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