पुरा विश्व पिछले डेढ़ साल से कोविड के फैलाव को झेल रहा है। खासकर इस क ठिन घड़ी में भारत अहम भूमिका निभा रहा है। कोविड पर नियंत्रण पाने के लिए राज्य सरकारों की ओर से ज्यादातर राज्यों में लॉकडाउन लगाया गया हैं। देश में कोविड का प्र कोप इतना ज्यादा है, कि पूरा देश मेडिकल संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। इस महा मारी में थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर(Oximeters) जैसे उपकरण मिलने अत्यंत मु श्किल हो रहे है। खासकर ऑक्सीमीटर जैसा उपकरण इन दिनों सबसे ज्यादा महत्वपुर्ण भूमिका निभा रहा हैं। Oximeters की बढ़ती मांग के कारण इसके दाम आसमान को छू रहे है। अब मोबाइल में ही चेक करें अपना ऑक्सिजन लेवल


अब मोबाइल एप्प बताय ऑक्सीजन लेवल
कोविड लगातार अपना रूप बदल रहा है। कोविड के नए वैरिएंट ने सभी देशों की चिं ताएं बढ़ा दी है। जब देश में मरीज़ो की संख्या 3 लाख के पार चली गई थी, तो ऐसे में लोगों का ऑक्सीजन संतुलन बिगड़ता जा रहा था। इन परिस्थितियों में लोग अपने ऑक्सीजन लेवल को घर पर ही चेक कर रहे हैं। भारतीय बाजारों में ऑक्सीमीटर उपलब्ध ही नहीं हो पा रहा था। इसी के चलते कोलकाता बेस्ड हेल्थ स्टार्टअप की ओर से एक मोबाइल ऐप डेवलप किया गया है। अब Oximeter की जगह इस एप को इस्तेमाल किया जा सकता है। तो चलिए आपको बताते हैं इस एप के बारे में।



कोलकाता हेल्थ स्टार्टअप द्वारा डेवलप किया गया एप्प
इस एप्प को हेल्थ स्टार्टअप द्वारा डेवलप किया गया है। इस मोबाइल ऐप का नाम CarePlixVital है। यह एप्प यूजर के ब्ल ड ऑक्सीजन लेवल, पल्स और रेसप्रेशन रेट्स को मॉनिटर करने का काम करता है। CarePlixVital मोबाइल एप्प को इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले आपको स्मार्टफोन के रियर कैमरे और फ्लैशलाइट पर उंगली रखनी है। कुछ देर बाद अंदर ही Oxygen सेटूरेशन(SpO2), पल्स और रेसिपिरेशन लेवल डिस्प्ले पर नजर आने लग जाएगा।

CareNow Healthcare के को-फाउंडर(Co-Founder) सुभब्रत पॉल ने बताया कि लोगों को ऑक्सीजन सेटूरेशन और पल्स रेट जैसी जानकारी हासिल करने के लिए Pulse Oximeters या Smart Watch आदि डिवाइस की जरूरत पड़ती है। इस डिवाइस में इंटरनल टेक्नोलॉजी की बात की जाए तो फोटोप्लेथिस्मोग्राफी या पीपीजी इस्तेमाल की जाती है।



ऐसे काम करता है CarePlixVital ऐप
इस एप्प से ऑक्सीजन लेवल की जानकारी पाने के लिए आपका रियर कैमरा और फ्लैशलाइट पर उंगली रखना जरूरी है। तकरीबन आपको 40 सेकंड तक स्कैनिंग करनी होगी। उस दौरान एप्प लाइट के अंतर को केलकुलेट करता है और अंतर के आधार पर पीपीजी ग्राफ को प्लॉट किया जाता है। ग्राफ से ऑक्सीजन सेटुरेशन और पल्स रेट की जानकारी मिलती है।


इस डिवाइस का क्लिनिकल ट्रायल 2021 में सेठ सुखलाल करनानी मेमोरियल हॉस्पिटल कोलकाता में 1200 लोगों पर किया गया था। इसकी टेस्टिंग को हॉस्पिटल में डॉक्टर्स के साथ किया गया था। इसके टेस्ट खासतौर पर OPD में ही हुए थे। टेस्टिंग के दौरान यह पाया गया कि CarePlixVital दिल की धड़कन की 96 फीसदी तक सही जानकारी दी और ऑक्सीजन सेटूरेशन की 98 फीसदी तक सही जानकारी दी थी।