राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर अब इंद्रप्रस्थ करने की जरूरत,सुब्रमण्यम स्वामि ने कहा – जब तक नहीं बदलेंगे तब तक “उलझे” रहेंगे

Covid-19 , चीन घुसपैठ और साथ ही POK जैसे मुद्दों पर मुख रूप से अपनी बात रखने वाले और साथ ही अपनी ही सरकार को लगातार घेरने वाले भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी(Subramanian Swamy) अब केंद्र के लिए एक नई सलाह लेकर आए हैं। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने हिंदू जागृति के लिए सीधे मोदी सरकार से राजधानी दिल्ली(Delhi) का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ(Indraprastha) करने की मांग रख दी है। इसके लिए राज्यसभा सांसद ने एक बहुचर्चित रिसर्चर से लेकर तमिलनाडु के किसी संत तक का भी उदाहरण दे डाला।

ट्वीट कर दिल्ली का नाम बदलने की मांग की

हमारे भारत देश के पूर्व वित्त मंत्री रह चुके सुब्रमण्यम स्वामी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा है की,”हिंदू जागृति के लिए नई दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने की जरूरत है। नाम बदलने के लिए द्रौपदी ट्रस्ट(Draupadi Trust) वेबसाइट की डॉक्टर नीरा मिश्र(Neera Misra) की रिसर्च काफी है।” सुब्रमण्यम स्वामी ने आगे बताया, “तमिलनाडु के एक संत ने मुझे बताया था कि जब तक राजधानी का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ नहीं होता, तब तक देश में उथल-पुथल बनी रहेगी।”

जानिए क्यों उठा रहे हैं दिल्ली का नाम बदलने की मांग

आपको बता दें कि राज्यसभा सांसद ने दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने की मांग अचानक ही नहीं उठाई है। दरअसल, इससे पहले द्रौपदी ड्रीम ट्रस्ट की ट्रस्टी-चेयरपर्सन नीरा मिश्र के शोध में उन साक्ष्यों का भी जिक्र किया गया था। जो कि यह कहते थे कि आज जहां दिल्ली है, वहां कभी पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ हुआ करती थी। वही दिल्ली के पुराना किला में महाभारत काल के कुछ अवशेष भी मिल चुके हैं। ऐसी मान्यता है कि सबसे पहले इंद्रप्रस्थ को पांडवों ने बसाया था। कई धर्मग्रंथों में भी इंद्रप्रस्थ का जिक्र मिल चुका है। इसे लेकर नीरा मिश्र ने पहले ही कुछ राष्ट्रीय विरासतों के नाम मुगलकालीन समय से बदलकर महाभारत के समय पर करने की मांग की है।

हिंदू जागृति का मुद्दा उठाते ही रहे हैं सुब्रमण्यम स्वामी

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद पहले भी अपने हिंदू जागृति से जुड़े भाषणों के लिए मशहूर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि मौजूदा समय में हिंदुत्व के रथ पर भदेस, घटिया और साथ ही आ पराधिक तत्व सवार हो गए हैं। जबकि दो हफ्ते पहले ही किए गए एक ट्वीट में डॉ स्वामी ने हिंदुत्व को एक सकारात्मक विचार बताया था। बता दें कि उन्होंने कहा था कि दुर्भाग्य से हिन्दुत्व के चमकते रथ पर आज भदेस, घटिया और आ पराधिक तत्व सवार हो गए हैं जो कि दूसरे धर्मो साथ ही को निशाने पर लेते हैं। इससे हिन्दुत्व के दुश्मनों को मदद मिल रही है।

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