कांग्रेस को एक और सफलता, बसपा नेता प्रागी लाल जाटव और एक दर्जन BSP नेता ने थामा कांग्रेस का हाथ

राज्य में बीएसपी के नेता कांग्रेस का ‘हाथ’ थाम रहे हैं. प्रागी लाल जाटव सहित करीब दो दर्जन बीएसपी नेता रविवार को कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. बात दें कि प्रागी लाल शिवपुरी में करेरा निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं.

मध्य प्रदेश में उप-चुनाव होने में भला अभी समय है लेकिन वहां की राजनीति हर दिन एक नया मोड़ लेती हुई नजर आ रही है. एक तरफ जहां कांग्रेस और बीजेपी के बीच अभी से चुनावी घमासान देख जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ राज्य में बीएसपी के नेता कांग्रेस का ‘हाथ’ थाम रहे हैं. प्रागी लाल जाटव सहित करीब दो दर्जन बीएसपी नेता रविवार को कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. बात दें कि प्रागी लाल शिवपुरी में करेरा निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं.

BSP नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात के बाद कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.बता दें कि फिलहाल राज्य में उपचुनाव (By-Polls) जरूरी हो गए हैं क्योंकि विधायकों के इस्तीफा देने के बाद सीटें खाली हो गईं. उपचुनाव सितंबर में होने की उम्मीद है

वहीं बता दें कि मध्य प्रदेश में आगामी समय में 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी गंभीर है और उसने चुनाव की तारीखों का ऐलान होने से पहले ही अपनी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है. यही कारण है कि पार्टी ने दिग्गज नेताओं को ही मोर्चे पर लगाने का मन बना लिया है. यह बात चुनाव के लिए बनी संचालन समिति और प्रबंध समिति से जाहिर भी हो रही है

प्रागी लाल जाटव करैरा विधानसभा से चुनाव लड़े थे और चुनाव में उनकी मौजूदगी के चलते मुकाबला त्रिकोणीय हो गया था। हालाँकि वे तीसरे नंबर रहे थे। शिवपुरी में 5 विधानसभा सीटें आती हैं, उन्हीं में से करैरा भी एक है। करैरा विधानसभा सीट 2008 से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।

शिवपुरी जिले की पांच विधानसभा सीटों में बसपा का सर्वाधिक जनाधार करैरा विधानसभा सीट पर है। इस सीट पर 2008 के चुनाव में बीजेपी के रमेश प्रसाद खटीक 35846 वोटों के साथ पहले स्थान पर थे, तो वहीं बसपा के प्रगतिलाल जाटव 23030 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर थे। कांग्रेस प्रत्याशी बाबू रामनरेश ने चुनाव में तीसरा स्थान हासिल किया था।

प्रागी लाल जाटव की कांग्रेस में एंट्री को उपचुनाव से जोड़कर इसलिए देखा जा रहा है क्यों ग्वालियर-चंबल इलाके की अधिकांश सीटों पर अनुसूचित जाति के मतदाता निर्णायक भूमिका अदा करते रहे हैं।

2018 के विधानसभा चुनाव में प्रागी लाल जाटव को करैरा विधानसभा सीट पर तीसरे नंबर पर रहने के बावजूद 40026 वोट मिले थे और वे जाटव मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने में सफल रहे थे।

Leave a Comment