आपको बता दें कि बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन को लेकर बड़ी गहमागहमी खड़ी हो गई है। इसे लेकर राजनीतिक, सामाजिक और फिल्मी हस्तियां भी सक्रिय हो गईं हैं।


बता दें कि बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन को लेकर बड़ी गहमागहमी खड़ी हो गई है। देशभर में कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे नए मामलों के बीच जहां एक ओर विद्यार्थी समूह परीक्षाओं का आयोजन करने और परीक्षाएं रद्द करने को लेकर देश की शीर्ष अदालत में पहुंच चुके हैं तो वहीं दूसरी ओर देशभर में अब बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। इसे लेकर राजनीतिक, सामाजिक और फिल्मी हस्तियां भी सक्रिय हो गईं हैं।


आपको बता दें कि बीते एक दिन में कोरोना वायरस के रिकॉर्ड 1.50 लाख से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जिससे देश में सक्रिय मरीजों की संख्या 11 लाख के पार पहुंच गई है। ऊपरी तौर पर देखने में लगता है कि परीक्षाओं के आयोजन का मामला राजनीतिक रंग ले रहा है। बता दें कि लेकिन इन सबके बीच, विश्लेषकों को मानना है कि जिस रफ्तार से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, उसे लेकर अभिभावकों और विद्यार्थियों को महामारी के चपेट में आने की चिंता होना स्वभाविक है। बता दें कि इस स्थिति को लेकर बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग लगातार तेज हो रही है।


तमिलनाडु में भी परीक्षाओं का विरोध आपको बता दें कि तमिलनाडु में विपक्ष के नेताओं ने बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है। राज्य में कोरोना की रफ्तार को देखते हुए पीएमके (पाटली मक्कल काची) के संस्थापक एस रामदौस ने सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं को ऑफलाइन आयोजित करने का विरोध किया है। बता दें कि रामदौस ने कहा कि सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं और तमिलनाडु बोर्ड द्वारा आयोजित होने वाली 12वीं कक्षा की परीक्षा रद्द कर देनी चाहिए और छात्रों को स्कूल में उनके प्रदर्शन के आधार पर पास करना चाहिए।

दिल्ली सरकार ने भी उठाई मांग
आपको बता दें कि वहीं, दिल्ली सरकार ने परीक्षाओं को टालने की मांग का समर्थन किया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सीबीएसई द्वारा आयोजित होने वाली प्रैक्टिकल परीक्षाओं को 20 अप्रैल तक स्थगित करने का सुझाव दिया है। बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में कोरोना संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने पहले से ही सरकारी और निजी स्कूलों को बंद कर दिया था।


अभिनेता सोनू सूद ने किया समर्थन
आपको बता दें कि वहीं, अपने सामाजिक सेवाकार्यों के लिए चर्चित बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर छात्रों का समर्थन किया है। बता दें कि सूद ने भी वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की भयावह स्थिति के बीच बोर्ड परीक्षाओं को टालने और रद्द करने की वकालत की है। हैशटेग #cancelboardexam2021 के साथ वीडियो ट्वीट करते हुए सोनू सूद ने लिखा, एक दिन में एक लाख से ज्यादा तक बढ़ रहे मामलों की संख्या के बीच परीक्षाएं कराना अनुचित है।


आपको बता दें कि उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि ऑफलाइन परीक्षा के लिए यह सही समय है। मैं चाहूंगा कि हर कोई आगे आए और इन छात्रों का समर्थन करे, ताकि वह सुरक्षित रह सकें, शुभकामनाएं। बता दें कि सूद ने वीडियो में कहा, सऊदी अरब और मैक्सिको जैसे अन्य देशों ने कोरोना के बहुत कम मामले होने के बावजूद परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। फिर भी, हम परीक्षा करवाने की सोच रहे हैं, जो अनुचित है।


प्रियंका गांधी ने लिखा था पत्र
आपको बता दें कि रविवार, 11 अप्रैल को देश की सबसे बड़ी और पुरानी पार्टी कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर, सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है। बता दें कि उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को देश के लाखों बच्चों और उनके अभिभावकों की चिंताओं से अवगत कराया है।


आपको बता दें कि प्रियंका वाड्रा ने चेताया कि महामारी के तेजी से बढ़ते मामलों के दौरान बच्चों को इन परीक्षाओं में बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यदि किसी भी परीक्षा केंद्र एक बड़ी संख्या में बच्चों के परीक्षा में भाग लेने पर कोई भी महामारी से संक्रमित होता है तो इसके लिए सरकार और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। बता दें कि सरकार और सीबीएसई बोर्ड क्या इस महामारी से प्रभावित होने वाले छात्रों या अन्य लोगों के लिए कानूनी दायित्व के लिए तैयार हैं?


कोरोना रोकथाम की समीक्षा करते सीएम योगी आदित्यनाथ
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में शिक्षण संस्थान 30 अप्रैल तक बंद
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों में शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला लिया गया है। इस क्रम उत्तर प्रदेश सरकार ने कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों को 30 अप्रैल, 2021 तक के लिए बंद करने का आदेश दिया है। बता दें कि हालांकि, राज्य में परीक्षाओं के आयोजन को लेकर शिक्षण संस्थानों को फिलहाल छूट दी गई है। आपको बता दें कि कोरोना काल में शिक्षण संस्थानों को बंद करने से अभिभावकों की परेशानी तो घटी है लेकिन परीक्षाओं के आयोजन को लेकर कोई स्पष्ट फैसला नहीं किए जाने से चिंताएं बरकरार है।