बिहार में चुनावी परीक्षा का आगाज हो चुका है। पहले चरण ने विधानसभा के 71 सीटों पर सीटों पर कई दिग्गजों के साख दांव पर लगी है। जो जाहिर है कि बीजेपी (BJP) और एलजेपी LJP) एक दूसरे के लिए सॉफ्ट कॉर्नर लिए हुए हैं। और इस बात को हवा दे दी है, बीजेपी के नेता ने। जिससे बिहार का सियासी हलचल बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

बिहार में ऐसे विधानसभा चुनाव के लिए कल से मतदान शुरू हो चुका है। कल पहले चरण के लिए 71 सीटों पर मतदान हुआ। वहीं कई नेताओं की बेटा-बेटियों की साख भी दांव पर लगी हुई है। मंत्री और वरिष्ठ नेता भी अपने मत का प्रयोग कर रहे हैं, इस बीच बिहार के कृषि मंत्री और बीजेपी नेता प्रेम कुमार ने भी सियासी हलचल बढ़ाने वाला एक बयान दिया है।

दरअसल बीजेपी के साथ सरकार बनाए जाने के सवाल पर प्रेम कुमार ने कुछ भी साफ नहीं किया बल्कि यह कहा कि पार्टी जो फैसला लेगी उसका स्वागत किया जाएगा। बता दे कि प्रेम कुमार बिहार में बीजेपी के बड़े नेता हैं, और 7 बीजेपी विधायक रह चुके हैं। आखिरी 8वीं बार किस्मत आजमा रहे हैं।

ऐसे में प्रेम कुमार का यह बयान इसलिए कहना है क्योंकि एलजेपी ने बीजेपी और जेडीयू से अलग चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। तब से बीजेपी की तरफ से यह कहा जा रहा है कि एलजेपी का का एनडीए से से कोई संबंध नहीं है। दूसरी तरफ चिराग पासवान ने जेडीयू और नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर वो बीजेपी के साथ बिहार में अगली सरकार बनाने के दावे लगातार कर रहे हैं।

चिराग पासवान तो सार्वजनिक तौर पर यह भी अपील कर चुके हैं कि जहां एलजेपी उम्मीदवार ना हो। वहां बीजेपी को वोट दिया जाए। ऐसे में बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता पहले चरण के मतदान के दिन साफ तौर पर एलजेपी के साथ जाने के लिए मना करने के बजाय यह कह रहे हैं कि जो पार्टी पैसा लेगी उसका स्वागत किया जाएगा।