बीजेपी के लिए उनके इस्तीफे को बड़ा झटका कहा जा रहा है. वे मार्च, 2020 में ही लद्दाख बीजेपी के अध्यक्ष बनाए गए थे. चेरिंग दोरजे ने इस्तीफा देते हुए अपने पत्र में लिखा है: लद्दाख के लोग 1948 से ही भारत की सेना के साथ खड़े हैं. उन्होंने साथ में सभी लड़ाइयां लड़ी हैं.लद्दाख के देशभक्त लोगों का अनादर और बुरा बर्ताव देखकर मुझे दुख होता है.लद्दाख के करीब 20 हजार लोग देश के कई हिस्सों में फंसे हुए हैं. इनमें कई मरीज़, तीर्थयात्री और छात्र हैं. लेकिन इन्हें लाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा. इस बारे में कई बार प्रशासन से बात की. लेफ्टिनेंट गवर्नर आरके माथुर के साथ ही बीजेपी उपाध्यक्ष और लद्दाख में पार्टी इंचार्ज अविनाश राय खन्ना से भी बात की, लेकिन कुछ नहीं हुआ. लद्दाख सांसद जामयांग त्सेरिंग नामग्याल की बात भी नहीं सुनी जा रही है. वे भी हालात को लेकर चिंतित हैं. लद्दाख प्रशासन लेह और कारगिल की ऑटोनोमस हिल काउंसिल को भी काम नहीं करने दे रहा. लद्दाख के लोगों ने इन दोनों जिलों के स्वायत्त शासन के लिए काफी कुर्बानियां दीं. मैंने समय पर हाई कमान को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समस्याओं के बारे में बता दिया था.मेरी शिकायतों पर हाई कमांड ने कोई जवाब नहीं दिया. ऐसे में मेरे पास पद और पार्टी छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा.

लद्दाख. भारत की उत्तरी दिशा का केंद्रशासित प्रदेश. सालभर पहले तक यह जम्मू-कश्मीर राज्य का ही अंग हुआ करता था. लेकिन अनुच्छेद 377 हटाए जाने के बाद इसे केंद्रशासित प्रदेश घोषित कर दिया गया. यहां से बीजेपी के जामयांग त्सेरिंग नामग्याल सांसद हैं. संसद में अपने भाषण के चलते वह सुर्खियों में रहते हैं. लेकिन अभी बात करते हैं लद्दाख में बीजेपी अध्यक्ष रहे चेरिंग दोरजे की. उन्होंने 3 मई को अध्यक्ष पद के साथ ही पार्टी भी छोड़ दी. इस्तीफा उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेज दिया.

इस्तीफे का पत्र चेरिंग दोरजे ने मीडिया में जारी किया. इसमें लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासन के साथ ही बीजेपी पर भी आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते देशभर में लद्दाख के लोग भटक रहे हैं. लेकिन लद्दाख प्रशासन इन्हें लाने पर ध्यान नहीं दे रहा. प्रशासन का रवैया लोगों के प्रति असंवेदनशील है. पार्टी को भी इस बारे में बताया, लेकिन किसी ने नहीं सुनी.

दोरजे के इस्तीफे पर बीजेपी आलाकमान की ओर से अभी बयान नहीं आया है. लद्दाख सांसद जामयांग त्सेरिंग नामग्याल ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि स्थानीय बीजेपी नेताओं ने बताया कि चेरिंग दोरजे को मनाने की कोशिश की जा रही है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here