वैसे तो राजनीति पहले कभी इतने निम्न स्तर तक नहीं पहुँची थी, पर हाँ इक्की-दुक्की घटनाएं ऐसी होती थी जिससे राजनीतिक गरिमा को ठेस पहुंचता था। लेकिन आज के राजनीतिक दौर के अमर्यादित बयानों को सुनते हैं तो लगता है कि तब की अमर्यादित भाषा इतनी भी अमर्यादित नहीं थी। हालाँकि राजनीति में शालीनता का यह फिसलन केवल अपने की देश में नहीं है। पिछले एक दशक में पूरी दुनिया की राजनीति में यह फिसलन दिखा है। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने सियासी विरोधियों को पागल, सनकी, भ्रष्ट और धोखेबाज़ कहते हैं। अपनी आलोचना करने वालों को कहते हैं कि वो अमेरिका छोड़कर चले जाएं। खैर, हम बात कर रहे हैं अपने देश की राजनीति में भाषाओं के गिरते स्तर की। इसमें सारी राजनीतिक पार्टियां एक सी हैं। उनमें भाषा के स्तर पर गिरने का होड़ लगा है। भाजपा सांसद रमा देवी पर आजम खान के शब्द, राजनीति में मर्यादाओं के गिरते स्तर की एक कड़ी मात्र है। इसकी शुरुआत काफी पहले ही हो चुकी थी। यह लोकसभा चुनाव इन तार-तार होते मर्यादाओं का एक पड़ाव मात्र था।
आइये अब जानते हैं उन राजनेताओं के बारे में जिन्होंने पर महिलाओं पर अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया है और उसपर हंगामा भी बरपा है।

नरेंद्र मोदी
अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में नरेंद्र मोदी पर भी कुछ छीटें हैं। 2012 में जब नरेंद्र मोदी एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे तो कांग्रेस के शशि थरूर की पत्नी सुनंदा थरूर के बारे में उन्होंने कहा था कि वाह क्या गर्लफ़्रेंड है, आपने कभी देखी है 50 करोड़ की गर्लफ़्रेंड? यह भाषा महिलाओं की मर्यादा के विपरीत वाली भाषा थी। तब पलटवार करते हुए शशि थरूर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा था, “मोदी जी मेरी पत्नी 50 करोड़ की नहीं बल्कि अनमोल है, लेकिन आप को यह समझ में नहीं आएगा क्योंकि आप किसी के प्यार के लायक नहीं हैं। यह विवाद उस समय सुर्ख़ियों में रहा था

श्रीप्रकाश जायसवाल
बीजेपी नेता ने एक बार बयान दिया था कि, नई शादी का मजा ही कुछ और होता है और ये तो सब जानते हैं कि पुरानी बीवी में वो मजा नहीं रहता.

बंसीलाल महतो
छत्तीसगढ़ के कोरबा से बीजेपी सांसद बंसीलाल महतो ने राज्य की लड़कियों के लिए ऐसे शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसे लेकर उनकी काफी आलोचना हुई थी. महतो ने छत्तीसगढ़ के खेल मंत्री भैयालाल राजवाड़े का नाम लेते हुए कहा था कि वो अक्सर बोला करते हैं कि अब बालाओं की जरूरत मुंबई और कलकत्ता से नहीं है, कोरबा की टूरी और छत्तीसगढ़ की लड़कियां टनाटन हो गई हैं.

बच्चों और शादी के बारे में बात करने वाले नेता

साक्षी महाराज
साक्षी महाराज का नाम अगर भाजपा के सबसे विवादित नेताओं में गिना जाए तो गलत नहीं होगा. साक्षी महाराज के कुछ सबसे प्रसिद्ध बयानों में से एक बच्चों और हिंदू महिलाओं पर दिया गया बयान. साक्षी महाराज ने कहा था कि, ‘हिंदू महिलाओं को 4 बच्चे पैदा करने चाहिए. ताकि हिंदू धर्म की रक्षा हो सके.’ 2015 में मेरट रैली में साक्षी महाराज ने गांधी जी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को मात्रभूमि भक्त और शहीद कहा था. इसके अलावा, साक्षी महाराज ने कहा था कि जो भी गौतस्करी करता है उन्हें मौत की सजा मिलनी चाहिए. राम मंदिर को लेकर भी उन्होंने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर बनने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती.

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