बिहार में अब इस इंजेक्शन की बढ़ी काफी डिमांड, ब्लैक फंगस से लड़ने में है बेहद मददगार

PATNA : आपको बता दें कि बिहार में covid-19 महामारी के दौरान रेमडेसिवीर इंजेक्शन की डिमांड अचानक से काफी बढ़ गई थी. तो वही अब ब्लैक फंगस के बढ़ते कहर को देखते हुए एक बार फिर से Liposmal amphotericin B इंजेक्शन की डिमांड एका एक बढ़ गई है. अधिक तेजी से बढ़ते हुए ब्लैक फंगस के मरीजों में इस इंजेक्शन का प्रयोग किया जाएगा. यह इंजेक्शन अभी तक कालाजार के मरीजों पर प्रयोग की जाती थी.

आपको बता दें कि संयुक्त सचिव ने कालाजार के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अंजनी कुमार को निर्देश दिया है कि मौजूदा समय में ब्लैक फंगस Black Fungus की बीमारी सामने आ रही है. इसके उपचार के लिए Liposmal amphotericin B Injection का इस्तेमाल किया जाना है. WHO के माध्यम से 14 हजार वायल कालाजार की चिकित्सा के लिए उपलब्ध कराए गए हैं जो कि कालाजार के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध हैं.

आपको बता दें कि संयुक्त सचिव ने अस्पतालों की सूची देकर इंजेक्शन उपलब्ध कराने को कहा है. वही 4 दिनों से इंजेक्शन की लगातार ही डिमांड की जा रही थी, जो कि नहीं मिल रही थी. तो वही अब संयुक्त सचिव के आदेश के बाद इंजेक्शन को लेकर तेजी आई है. Liposmal amphotericin B Injection को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कई बार अब तक बैठक भी हो चुकी है.

बता दें कि AIIMS और साथ ही IGIMS के साथ ही सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में Liposmal amphotericin B Injection का उपयोग मरीजों के उपचार के लिए समुचित चिकित्सकीय परामर्श के साथ किया जाएगा. वही अब इस संबंध में सभी अस्पताल को भी निर्देश जारी कर दिया गया है. आपको बता दें कि निजी हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के लिए इंजेक्शन की डिमांड पहले ई मेल के जरिए करना होगा और साथ ही संबंधित मरीज का पूरा ब्यौरा देना होगा. वही इसके बाद जांच कर संबंधित अस्पताल को Liposmal amphotericin B दिया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव ने आपको बता दें कि राम ईश्वर ने इस संबंध में पत्र जारी किया है. कालाजार के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी को लिखे पत्र में संयुक्त सचिव ने Liposmal amphotericin B को लेकर भी पूरी गाइडलाइन जारी की है.

आपको बता दें कि Liposmal amphotericin B Injection निजी अस्पतालों में भर्ती सभी मरीजों के लिए RMRI में स्टोर किया जाएगा . यहां गठित समिति के के आदेश के बाद पहचान पत्र लेकर संबंधित अस्पताल की तरफ से अधिकृत व्यक्ति को नि:शुल्क दी जाएगी. निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए आवेदन सहायक औषधि नियंत्रक पटना ग्रामीण के ईमेल kamala131967@gmail.comपर ई मेल करना होगा. सहायक औषधिक नियंत्रक पटना ग्रामीण कमला कुमरी इस डिमांड को निदेशक प्रमुख रोग नियंत्रण को तत्काल भेजने का काम करेंगी.

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