BHAGALPUR NEWS :
आपको बता दें कि एक लड़की के साथ बलात्कार करने और साथ ही उसे ब्लैकमेल करने के आरोप में एक डीएसपी के ऊपर विभागीय कार्रवाई संचालित की गई है। तथा इस डीएसपी के ऊपर भाई और बहन के रिश्ते को शर्मसार कर 12 साल तक उसको अपने हवस का शिकार बनाने तथा फिर अश्लील वीडियो रिकार्ड कर उसे ब्लैकमेल करने का आरोप है। बता दें कि फिलहाल इस डीएसपी को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया ह। और साथ ही विभाग की ओर से मगध रेंज के आईजी अमित लोढ़ा को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त कर दिया गया है।


बता दें कि आरोपी डीएसपी का नाम सोमेश मिश्रा है, जिनके ऊपर इतनी घिनौनी अपराध करने का आरोप है। कुछ ही दिन पूर्व इसको झारखंड के साहेबगंज से अरेस्ट कर लिया गया है। यह पुलिस से भागता फिर रहा था।बता दें कि इस डीएसपी सोमेश मिश्रा के ऊपर अपने ही किसी करीबी रिश्तेदार के साथ बलात्कार करने और साथ ही फिर वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने का आरोप है। बता दें कि महिला थानाध्यक्ष रीता कुमारी के अनुसार पीड़ित लड़की डीएसपी की ही रिश्तेदार है। डीएसपी सोमेश मिश्रा मूल रूप से गोड्डा का वासी है। इसके पिता जो की साहेबगंज में रेलवे विभाग में जॉब करते हैं।


आपको बता दें की तातारपुर थाना इलाके की रहने वाली लड़की ने महिला थाने में इसी साल 20 मार्च को सोमेश के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसके बाद से ही पुलिस बलात्कार के आरोपी डीएसपी सोमेश मिश्रा को तलाश रही थी। आख़िरकार इसे झारखंड के साहेबगंज रेलवे क्वार्टर से गिरफ्तार कर लिया गया, जहां इसके पिता काम करते हैं। वही लड़की ने आरोप लगाया था कि सोमेश दिल्ली में रह रहा था, और साथ ही उसी समय उसे अपने पास बुलाया था। वहां उसके साथ गलत किया गया और उसका वीडियो बना लिया गया। फिर उसी वीडियो को लेकर वह लड़की को ब्लैकमेल कर रहा था।


बता दें कि पीड़िता के मुताबिक आरोपी डीएसपी सोमेश उसे अपनी तबीयत खराब रहने और साथ ही पैसे की जरूरत बता कर कमरे पर बुलाया था. उस समय पीडि़ता 2008 में दिल्ली नार्थ कैंपस में दाखिला लेने अपनी मां के साथ गई हुई थी. और साथ ही वहां पर वो मेरिट लिस्ट में अपने नाम का इंतजार करती रही. सोमेश उसकी मां को थोड़ा सा इंतजार करने के लिए कहा था. मगर थर्ड लिस्ट आने के बाबजूद भी उसे अच्छा कॉलेज नहीं मिल पाया था. उसके बाद वह वापस आकर मारवाड़ी कॉलेज में ही दाखिला ले लिया था. और साथ ही यहां तातारपुर थाना क्षेत्र के लाल कोठी में रहने लगी थी.


बता दें कि अगले साल 2009 में जब फिर से कॉलेज में नामांकन की प्रक्रिया दिल्ली में शुरू हुई तो सोमेश ने उन्हें कहा कि वह अपना नाम लिखा ले. हो जाएगा. तब उस समय फिर वह अपनी मां के साथ दिल्ली गई. साथ ही उसके तिमारपुर स्थित किराए के मकान पर ही अपनी मां के साथ रुकी. वहीं उसके बाद पटेल नगर स्थित कालिंदी कॉलेज में उसने नामांकन ले लिया. साथ ही उसे नजदीक में ही हॉस्टल भी मिल गया. सोमेश हॉस्टल में लड़की का स्थानीय अभिभावक बन गया था.


बता दें कि सोमेश के मन में कुछ अलग तरह की खिचड़ी पक रही थी. उसने योजना के तहत लड़की को फोन कर तबियत खराब रहने की बात कही. फिर उसने 1 हजार रुपये की जरूरत बता कर उसे कमरे पर बुला लिया. चुकी हॉस्टल में लड़की का सोमेश ही स्थानीय अभिभावक था. इसलिए हॉस्टल से उसे जाने की इजाजत भी मिल गई. वह 1 हजार रुपये लेकर हॉस्टल से सोमेश के कमरे पर चली गई. फिर वहां उसने जूस का ऑफर किया था. जूस में उसने नशीली टिकिया मिला रखी थी. उसे पीने के बाद उसे बेहोशी सा छाने लगा था. उस दौरान उसने उसे आगोश में लेने की कोशिश की थी. जिसका लड़की ने विरोध किया. लेकिन उसने उस लड़की के साथ मारपीट कर उसके साथ दुष्कर्म किया. साथ ही उसकी वीडियो भी बना ली थी.


फिर रात हो जाने के कारण वह वह हॉस्टल वापस नहीं जा सकी थी. दूसरे दिन लड़की हॉस्टल पहुंची. लेकिन परिवार की बदनामी, और साथ ही अपने करिअर का ख्याल आते ही किसी दोस्त, भाई-बहन, या फिर मां को घटना की बात नहीं बताई. उसके बाद से सोमेश उसे ब्लैकमेल करने लगा था. वह ग्रेजुएट पास आउट नहीं कर सकी. बता दें कि वह लड़की 2009 से लेकर 2012 तक उसका यौन शोषण करता रहा. साल 2012 में वह स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा देकर वापस भागलपुर आ गई थी. यही रहकर उसने प्रतियोगी परीक्षाएं दी. उधर सोमेश नेउस लड़की को इस बीच कई बार फोन पर धमकी देता रहा. साथ ही वीडियो फैला देने की भी धमकी दी. लेकिन लड़की फिर दिल्ली नहीं गई.



बता दें कि जून 2014 में लड़की बैंक ऑफ बड़ौदा में पीओ पद पर सफल हो गई. योगदान भी दी. वहीं इसकी जानकारी मिलने के बाद सोमेश अब ब्लैकमेल में आर्थिक मदद भी लेना शुरू कर दिया. फिर जून 2015 को लड़की की शादी हो गई. सोमेश ने उससे दो लाख रुपये की मदद भी मांगी. लेकिन लड़की ने यह सोच कर मदद नहीं देने का फैसला किया कि वो अगर उसे उतनी रकम दे भी देगी तो भी उसका मांगना बंद नहीं होगा. वह ब्लैकमेल करता ही रहेगा.


उसके बाद 25 नवंबर 2015 को सोमेश अपने किसी दोस्त से लड़की के ऑफिस में फोन कराया. उसे यह बोला कि दूसरे दिन उसकी सगाई है. वह सगाई नहीं करे. वहीं जिसकी जानकारी देने पर लड़की के भाई ने सोमेश और साथ ही उसके दोस्त को फोन कर खूब डांट पिलाई थी. लेकिन सोमेश ने बैंक के सबौर ब्रांच में जाकर लड़की का फोन नंबर लेने का प्रयास किया. लेकिन वहां तब तैनात पदाधिकारियों ने नंबर नहीं दिया था. उसके बाद किसी तरह सोमेश ने लड़की का नंबर पता कर के फिर तरह-तरह के मेसेज और साथ ही फोन पर धमकी देना शुरू कर दिया.


बता दें कि इस घटना के बाद पीड़िता की शादी हो गई. ओर वो अभी फिलहाल कोलकाता में जॉब कर रही है. बता दे की सोमेश वहां भी उसे धमकी देने पहुंच गया था. सोमेश से तंग आकर पीड़ित लड़की ने इसकी शिकायत भी पुलिस से की थी. वहीं जब पुलिस मुख्यालय स्तर से इसकी जांच की गई तो फिर आरोप सही पाया गया. जिसके बाद सोमेश को सस्पेंड कर दिया गया. भागलपुर के तत्कालीन एसएसपी आशीष भारती ने ये बताया था कि डीएसपी पर भागलपुर की रहने वाली लड़की ने महिला थाने में केस दर्ज कराया था. साथ ही अनुसंधान में आरोप सही पाये गए. इसके बाद साहेबगंज से उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. जबकि पुलिस मुख्यालय स्तर से जांच के बाद उसे पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था.