राजस्थान में 14 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में फ्लोर टेस्ट की बढ़ती संभावनाओं के बीच जहाँ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी सरकार बचाने के लिए अपने नंबर पूरे करने में जुट गए हैं। वहीँ इस बीच बीजेपी ने अपने 12 विधायकों को गुजरात के अहमदाबाद के एक होटल में ठहराया है।


हालांकि बीजेपी अपने विधायकों को राज्य के बाहर भेजे जाने के मामले को छिपा रही है लेकिन सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि 12 भाजपा विधायकों को गुजरात में अहमदाबाद के एक होटल में ठहराया गया है।


दरअसल, बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में 11 अगस्त को हाईकोर्ट का फैसला आना है। ऐसे में गहलोत फूंक फूंक कर कदम रख रहे हैं। यदि हाईकोर्ट का फैसला कांग्रेस के पक्ष में नहीं आता तो सीएम गहलोत को सरकार बचाने के लिए अतिरिक्त विधायकों की आवश्यकता पड़ेगी।

इसी कवायद के तहत बीजेपी के 12 विधायक मुख्यमंत्री गहलोत के संपर्क में आये हैं,जिसकी भनक बीजेपी के शीर्ष नेताओं को लगने के बाद इन विधायकों को गुजरात सरकार की निगरानी में अहमदाबाद के एक होटल में रुकाया गया है।


सूत्रों की माने तो बीजेपी मानकर चल रही है कि 11 अगस्त को हाईकोर्ट अपने फैसले में बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय पर स्टे दे सकता है और ऐसे में अशोक गहलोत बीजेपी के अंदर तोड़फोड़ कर सकते हैं।

सूत्रों ने कहा कि जिन 12 विधायकों को बीजेपी ने राजस्थान से बाहर भेजा है वे पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के समर्थक हैं। राजस्थान में कांग्रेस के अंदर गहलोत और पायलट के बीच पैदा हुए विवाद पर वसुंधरा राजे सिंधिया की खामोशी को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं।


वहीँ राज्य बीजेपी में इस बात की चर्चा जोरो पर है कि यदि अशोक गहलोत सरकार गिरती है तो राज्य में बीजेपी सरकार की बागडोर इस बार वसुंधरा राजे सिंधिया की जगह किसी नए चेहरे को सौंपी जा सकती है। माना जा रहा है कि इसकी भनक वसुंधरा राजे सिंधिया को लग चुकी है और वे गहलोत सरकार को गिराने के मूड में नहीं हैं।


फिलहाल सभी की नज़रें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं। 11 अगस्त को राजस्थान हाईकोर्ट बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय पर अपना अंतिम फैसला सुनाएगा। इस फैसले के बाद तय होगा कि यदि विधानसभा सत्र के दौरान फ्लोर टेस्ट हुआ तो गहलोत सरकार की विधानसभा में स्थति क्या रहेगी।


वहीँ दूसरी तरफ अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सचिन पायलट के साथ गए विधायकों के प्रति लचीला रुख दिखा रहे हैं। हाल ही में सीएम गहलोत ने कहा था कि यदि पार्टी हाईकमान बागी विधायकों को माफ़ कर देगा तो वे भी उन्हें गले लगा लेंगे।

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