पत्रकारिता के आड़ में राजनीति करते कुछ पत्रकार यह हम इसलिए कह रहे हैं कि आज भारतीय मीडिया सरकार से सवाल करने की हिम्मत नहीं रखती आजकल सवाल तो विपक्ष से होती है आईए अब खबर की ओर रुख करते हैं| मामला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से जुड़ा है जिन पर बीते रात अर्णब गोस्वामी ने अपने सो पूछता है भारत में विवादित टिप्पणी कर दी| रिपब्लिक टीवी के पत्रकार अर्नब गोस्वामी एक बार फिर से चर्चा में है अर्नब गोस्वामी और उनकी पत्नी पर 22 अप्रैल की देर रात कथित तौर पर हमला किया गया उन्होंने इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है| अर्नब गोस्वामी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन पर हमले के लिए गुंडे भेजे थे आपको बता दें कि बीते दिनों अर्नब गोस्वामी ने पालघर मॉब लिंचिंग मामले पर एक डिबेट कर रहे थे जिसमें उन्होंने सोनिया गांधी पर अपशब्द बोला था इसके बाद से ही हुए कांग्रेसी नेताओं तथा अन्य कई नेताओं के निशाने पर थे इसी बीच उन पर हमले की खबर आई है अब इस हमले में कितनी सच्चाई है यह जांच के बाद ही पता चलेगा|

वैसे बता देगी अर्नब गोस्वामी के परिवार का बीजेपी से रहा है पुराना नाता अर्नब गोस्वामी मूल रूप से असम के रहने वाले हैं अर्नब गोस्वामी के पिता मनोरंजन गोस्वामी सेना में कर्नल थे रिटायरमेंट के बाद उन्होंने भाजपा के साथ अपनी राजनीतिक पारी शुरू की साल 1998 में बीजेपी के टिकट पर गुवाहाटी सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार भूपेंद्र कार्लीता से हार का सामना करना करना पड़ा| अर्नब गोस्वामी के मामा का भी भाजपा से ताल्लुक रहा है और वह बीजेपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीते हैं इसके अलावा वह बीजेपी की असम इकाई के अध्यक्ष भी रहे हैं|

अर्नब गोस्वामी परिवार के बीजेपी से तालुके चलते अक्सर गोस्वामी पर पक्षपात का भी आरोप लगता रहता है अर्नब गोस्वामी द टेलीग्राफ और एनडीटीवी जैसे मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं अर्नब गोस्वामी ने इससे पहले टाइम्स नाउ के साथ काम किया और फिर रिपब्लिक के नाम से अपना खुद का चैनल लांच किया|

यह मामला सोशल मीडिया पर जमकर Trend हो रहा है लोग जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं एक ट्विटर यूजर भूपेंद्र भारद्वाज ट्वीट कर लिखते हैं “बत्ती गुल नौटंकी फुल अंधेरी रात में गवाह भी साथ में”

आपको बता दें कि अर्नब गोस्वामी का विवादों से गहरा नाता रहा है साल 2017 में कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपनी पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत से जुड़ी एक खबर के मामले में गोस्वामी पर डिफेमेशन का केस किया था इसी तरह 2018 में केरल के खास ग्रुप पर टिप्पणी के लिए गोस्वामी को सोशल मीडिया पर तमाम आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था और कई मामले जैसे कि साल 2002 में भी अर्नब गोस्वामी ने दावा किया था कि गुजरात दंगों की रिपोर्टिंग के दौरान उनकी गाड़ी पर हमला किया गया था|

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