बाबा रामदेव की दवा भी फर्जी है और बाबा भी फर्जी है,इसे अभी तक जेल में होना चाहिए था

रामदेव असल में लाला है और आपदा में अवसर ढूंढ रहा है। रामदेव के देशभर में 50 लाख के आसपास अंधभक्त हैं और यदि इनमें से आधे ने भी 650 रुपये की दवा खरीद ली तो उनके बारे न्यारे हैं। यह एक पूंजीपति,गैर वैज्ञानिक नीम हकीम है. । जाहिर है यह बाबा मामूली सर्दी जुखाम की दवा को कोरोना के नाम पर बेचकर लोगों को मूर्ख बना रहा है

बगैर जांच के बगैर सरकारी अनुमति के बाबा रामदेव ने जो हरकत की है यदि और किसी वैद्ध ने की होती ना तो वह जेल के भीतर होता यह भयावह है अपराध है और लोगों का भरोसा तोड़ने की साजिश है अब भारत सरकार ने भी स्वीकार कर लिया है कि बाबा रामदेव एक ऐसी दवा का प्रचार कर रहे हैं जिसकी कोई प्रामाणिकता नहीं है।

बगैर जांच के बगैर सरकारी अनुमति के बाबा रामदेव ने जो हरकत की है यदि और किसी वैद्ध ने की होती ना तो वह जेल के भीतर होता यह भयावह है अपराध है और लोगों का भरोसा तोड़ने की साजिश है अब भारत सरकार ने भी स्वीकार कर लिया है कि बाबा रामदेव एक ऐसी दवा का प्रचार कर रहे हैं जिसकी कोई प्रामाणिकता नहीं है।

पतंजलि योगपीठ के प्रमुख बाबा रामदेव ने इस दवा को लॉन्च करते हुए क्लिनिकल ट्रायल में इसके सफल परिणामों का दावा किया है। इस दवा को मंगलवार से ही बाजार में उतारने का दावा किया गया था। इस मामले पर सरकार ने पतंजलि से कहा है कि इसका प्रचार-प्रसार तुरंत बंद किया जाए। सरकार ने कहा कि अभी इस दवा की वैज्ञानिक जांच नहीं हुई है और सरकार को इस बारे में नहीं पता है इसलिए अभी तत्काल प्रभाव से इसका प्रचार-प्रसार रोका जाए।

यह वाकया बताता है कि रामदेव असल में लाला है और आपदा में अवसर ढूंढ रहा है। रामदेव के देशभर में 50 लाख के आसपास अंधभक्त हैं और यदि इनमें से आधे ने भी 650 रुपये की दवा खरीद ली तो उनके बारे न्यारे हैं।

हम सभी जानते हैं कि कोरोना के 90% मरीज खुद ब खुद थोड़ी सी सतर्कता बरतने पर घर में रहने पर ही ठीक हो जाते हैं अरे बाबा ऐसे ही मरीजों को सामने लाकर कहेगा कि इसकी दवा से ठीक हो गए हैं और करोड़ों अरबों रुपए पीटेगा ।

यह हम आप सभी ऐसे लोग ,जो वैज्ञानिक नजरिया रखते हैं ,उन सब की जिम्मेवारी है कि यह बाबा दामदेव या रामदेव के काले कारनामे का खुलासा करें और लोगों को बताएं कि यह दवा फर्जी है और बाबा भी फर्जी है।
टीवी मीडिया तो उसके विज्ञापनों पर बिका हुआ है और वह जमके इसका प्रचार करेगा

(ये लेख पंकज चतुर्वेदी के वॉल से साभार लिया गया है )

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