264 करोड़ की लागत से बना पुल ध्वस्त, खबरदार अगर किसी ने नीतीश जी को भ्रष्टाचार कहा तो

कहने को तो बिहार में सुशासन बाबू की सरकार है पर सुशासन बाबू को अपराधियों से ज्यादा चूहों ने बजा रखी है. उफ्फ, ये बिहार के चूहे, गजब का कारनामा करते हैं। पहले थाने में रखी शराब पी जाते हैं तो कभी शिक्षकों के कागजात कुतर जाते हैं तो कभी पुल काट देते हैं. दरअसल हुआ कि कुछ दिन पहले नीतीश कुमार ने एक पुल का उद्घाटन किया था पानी आने से पुल धड़ाम हो गया अब शायद इसका इल्जाम उनके मंत्री और नेता गन चूहों पर ना लगा दे हैं इसलिए सावधान.

 बिहार के गोपालगंज में 264 करोड़ की लागत से बना सत्तरघाट महासेतु बुधवार को पानी के दबाव से ध्वस्त हो गया. वहीं इस महासेतु के ध्वस्त होने से चंपारण तिरहुत और सारण के कई जिलों का संपर्क टूट गया है. इस पुल पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. इसी मामले में नीतीश सरकार पर विपक्ष व राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर वीडियो पोस्ट करते हुए तंज कसा है. 29 दिन के भीतर पुल ध्वस्त होने को लेकर जबरदस्त प्रहार किया.

तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, ”8 वर्ष में 263.47 करोड़ की लागत से निर्मित गोपालगंज के सत्तर घाट पुल का 16 जून को नीतीश जी ने उद्घाटन किया था आज 29 दिन बाद यह पुल ध्वस्त हो गया. खबरदार! अगर किसी ने इसे नीतीश जी का भ्रष्टाचार कहा तो? 263 करोड़ तो सुशासनी मुंह दिखाई है. इतने की तो इनके चूहे शराब पी जाते है.”

दरअसल, बीते 16 जून को सीएम नीतीश कुमार ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सत्तरघाट महासेतु का उद्घाटन किया था. लेकिन अब गंडक नदी के तेज बहाव का दबाव झेल नहीं सका और बैकुंठपुर प्रखंड के खोम्हारीपुर में पुलिया के पास सड़क टूट गया, जिस वजह से उत्तर बिहार के कई जिलों का संपर्क टूट गया है.

वहीं बिहार के कांग्रेस अध्यक्ष डॉक्टर मदन मोहन झा ने ट्वीट कर नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा है उन्होंने लिखा

गोपालगंज में आज तीन लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी का बहाव था गंडक के इतने बड़े जलस्तर  के दबाव से इस महासेतु का एप्रोच रोड टूट गया. जिसकी वजह से आवागमन बंद हो गया है. बैकुंठपुर के फैजुल्लाहपुर में यह पुल टूटा है. जहां पर देखने के लिए लोगो का तांता लगा है. 

Leave a Comment