मोदी सरकार के कार्यकाल में 12 बड़े आतंकी हमले जिसमें कई भारतीय सैनिक हुए शहीद, 812 आतंकी हमले 2014 से 2017 के दौरान

अतीत पर गौर करें तो मोदी सरकार के कार्यकाल में सुरक्षाबलों के कैंपों और काफिलों पर कई बड़े हमले हो चुके हैं। अवंतिपोरा के हमले से पहले बारामुला के उरी सैन्य कैंप पर हुआ हमला वर्तमान सरकार के कार्यकाल का दूसरा सबसे बड़ा हमला था। इस आतंकी हमले में कुल 20 जवान शहीद हुए थे, तो मोदी सरकार (Modi Government) के कार्यकाल में देश में कई बार आतंकियों ने हिंदुस्तान की सरजमीं को दहलाने की कोशिश की। यहां आपको बताते हैं कि इन 12 हमलों के दौरान किस तरह से आतंकियों ने कायराना करतूत को अंजाम दिया…. मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान 12 बड़ी आतंकी हमला

  1. पुलवामा हमला 14 फरवरी 2019
  2. सीआरपीएफ कैंप पर हमला- दिसंबर 2017
  3. अमरनाथ यात्रियों पर हमला – जुलाई 2017
  4. उरी हमला – सितंबर 2016
  5. पुंछ आतंकी हमला – सितंबर 2016
  6. ख्वाजा बाग हमला – अगस्त 2016
  7. पंपोर हमला- जून 2016
  8. अनंतनाग हमला- जून 2016
  9. पठानकोट हमला- जनवरी 2016
  10. गुरुदासपुर में हमला- जुलाई 2015
  11. मणिपुर में हमला- जून 2015
  12. उरी मोहरा हमला- दिसंबर 2014

पुलवामा हमला 14 फरवरी 2019
जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पुलवामा (Pulwama Terrorist Attack) में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ (CRPF) के 40 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे। जानकारी के मुताबिक सीआरपीएफ (CRPF) काफिले पर हुए हमले में करीब 350 किलो IED का इस्तेमाल हुआ। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) ने हमले की जिम्मेदारी ली और इसे आत्मघाती बताया।

उरी मोहरा हमला- दिसंबर 2014
बारामूला के उरी सेक्टर के मोहरा में सैन्य रेजीमेंट पर आतंकियों ने कायराना तरीके से हमला किया था। इस हमले में 12 जवान शहीद हुए थे और जवाब में भारतीय सेना ने 6 आतंकियों को मार गिराया था।

मणिपुर में हमला- जून 2015
4 जून 2015 को मणिपुर के चंदेल में आतंकियों ने भारतीय सेना के काफिले पर बारूदी सुरंग बिछा कर हमला कर दिया था। इस आतंकी हमले में देश के 18 जवान शहीद हुए थे।

गुरुदासपुर में हमला- जुलाई 2015
पंजाब के गुरुदासपुर में आर्मी ड्रेस पहने आतंकियों ने दीनानगर पुलिस स्टेशन पर धावा बोल दिया था। इस हमले में 4 जवान शहीद हुए थे और इसके अलावा 3 सिविलियन भी मारे गए थे।

पठानकोट हमला- जनवरी 2016
जैश ए मोहम्मद के आतंकियों ने पठानकोट एयरबेस पर हमला किया। 6 दिनों तक चले इस ऑपरेशन में कुल 7 जवान शहीद हुए थे।

अनंतनाग हमला- जून 2016
अनंतनाग के चेकपोस्ट पर आतंकियों ने हमला किया था जिसमें 2 जवान शहीद हुए थे। एक दिन पहले भी बीएसएफ (BSF) के काफिल पर हमला किया था। जिसमें 3 जवानों की जान चली गई थी।

पंपोर हमला- जून 2016
पंपोर के पास श्रीनगर- जम्मू हाइवे पर सीआरपीएफ के काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें 8 जवान शहीद हो गए थे जबकि दो दर्जन जवान जख्मी भी हुए थे।

ख्वाजा बाग हमला – अगस्त 2016
श्नीनगर बारामूला हाइवे पर सैन्य काफिले पर हमला कर दिया था। यह हमला हिजबुल ने किया था। इसमें 8 जवान शहीद हुए थे।

पुंछ आतंकी हमला – सितंबर 2016
पठानकोट एयरबेस पर आतंकवादियों ने आतंकी हमला कर दिया था। ये मुठभेड़ 3 दिनों तक चली थी। इस आतंकी हमले में 6 जवान शहीद हुए थे। सैनिकों की जवाबी कार्रवाई में 4 आतंकी भी मारे गए थे।

उरी हमला – सितंबर 2016
सेना के सोते हुए जवानों पर हमला कर दिया था। जिसमें 19 जवान शहीद हो गए थे।

अमरनाथ यात्रियों पर हमला – जुलाई 2017
अमरनाथ जा रही बस पर आतंकियों ने हमला कर लिया था। 7 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी।

सीआरपीएफ कैंप पर हमला- दिसंबर 2017
सीआरपीएफ के ट्रेनिंग कैंप की 185वीं बटालियन पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। जिसमें 5 जवान शहीद हुए थे जबकि 2 आतंकी मारे गए थे।

RTI के माध्यम से ये पूछे थे सवाल

दरअसल RTI एक्टिविस्ट रंजन तोमर ने 2017 में गृह मंत्रालय से RTI के माध्यम से चार सवाल पूछे थे। इनमें पहला सवाल उन्होंने मोदी सरकार के आने से पहले और उसके बाद आतंकवादी घटानाओं में मारे गए लोगों की संख्या, आतंकवादी वारदात और उन पर खर्च हुए रुपये का ब्यौरा संबंधित सवाल किए थे। इसमें पिछले सरकार और तत्कालीन मोदी सरकार के समय में आतंकी वारदातों में शहीद हुए जवानों की जानकारी ली थी

जवाब सुनकर चौंक जाएंगे आप
RTI के जवाब में ये सामने आया है कि मई 2011 से मई 2014 के बीच तीन सालों में जम्मू कश्मीर में 705 आतंकी घटनाएं हुई। जिसमें 105 जवान शहीद हुए थे। जबकि 51 आम लोगों की जान गई थी। वहीं मोदी सरकार के दौरान इन आंतकी घटना में उछाल आया। माेदी सरकार बनने से लेकर अब तक तीन साल में 812 आतंकी घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें 183 जवान शहीद हुए और 62 आम लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी।

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